Haryana Monsoon : हरियाणा में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मानसूनी रेखा अब हिसार और पंजाब के बठिंडा तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों के दौरान मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 6 से 9 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 4 July 2026
IBN24 News Network : लगातार बढ़ रही उमस और गर्मी के बीच मानसून की सक्रियता से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश खरीफ सीजन की खेती के लिहाज से बेहद फायदेमंद मानी जा रही है।
17 जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, झज्जर, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, भिवानी, महेंद्रगढ़, नारनौल और रोहतक शामिल हैं।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हिसार तक पहुंचा मानसून, पूरे प्रदेश में बनने लगे अनुकूल हालात
आईएमडी के अनुसार मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के शेष हिस्सों को कवर करते हुए अब हरियाणा के नए क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है। वर्तमान में मानसूनी रेखा हिसार और पंजाब के बठिंडा से गुजर रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में मानसून पूरे हरियाणा को अपनी चपेट में ले लेगा, जिससे प्रदेशभर में व्यापक बारिश देखने को मिलेगी।
पूर्वी और दक्षिणी हरियाणा में बरसे बादल, पश्चिमी जिले अभी भी सूखे
पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक यमुनानगर में 11.0 मिमी, सोनीपत में 6.5 मिमी, महेंद्रगढ़ में 6.0 मिमी और गुरुग्राम में 5.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
हालांकि पश्चिमी हरियाणा के सिरसा और फतेहाबाद में मानसून का असर अभी कमजोर बना हुआ है और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 6 जुलाई से पश्चिमी जिलों में भी अच्छी बारिश शुरू होने की संभावना है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
आने वाली बारिश खरीफ फसलों, विशेष रूप से धान की रोपाई के लिए लाभदायक साबित होगी। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही करें।

धान की नर्सरी और कपास की खेती करने वाले किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह भी दी गई है।
अंबाला सबसे गर्म, नारनौल की रातें सबसे ठंडी
मानसून की दस्तक के बावजूद हरियाणा के कई हिस्सों में उमस बनी हुई है।
- अंबाला में सबसे अधिक 38.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा।
- हिसार और भिवानी में अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
- जिन इलाकों में हल्की बारिश हुई, वहां तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया।
रात के तापमान की बात करें तो नारनौल में सबसे कम 21.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि फरीदाबाद में रात का तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
अगले चार दिनों का मौसम कैसा रहेगा ?
मौसम विभाग के अनुसार 6 से 9 जुलाई के बीच हरियाणा के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। लगातार सक्रिय हो रहे मानसून के कारण तापमान में गिरावट आएगी और उमस से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib





