Haryana Contract Assistant Professors : हरियाणा सरकार ने राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों और अन्य संविदा कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने राज्य की 10 यूनिवर्सिटियों को तीन दिन के भीतर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 10 July 2026
IBN24 News Network : यह जानकारी प्रस्तावित हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय संविदात्मक व्याख्याता (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2026 (Haryana State University Contractual Lecturers Service Security Act, 2026) को अंतिम रूप देने के लिए मांगी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को उच्च शिक्षा महानिदेशक (DGHE) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देरी का कारण बताना होगा।
पहले भी मांगी गई थी जानकारी
उच्च शिक्षा विभाग ने बताया कि 1 जुलाई को विश्वविद्यालयों से आवश्यक जानकारी मांगी गई थी, लेकिन अधिकांश संस्थानों ने अब तक रिपोर्ट नहीं भेजी। इसके बाद 8 जुलाई को दोबारा रिमाइंडर जारी कर तीन दिन के भीतर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

विश्वविद्यालयों से क्या जानकारी मांगी गई है?
सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों से संविदा कर्मचारियों का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा है। इसमें शामिल हैं—
- पूर्णकालिक (Full-Time) संविदा शिक्षकों की संख्या
- अंशकालिक (Part-Time) संविदा शिक्षकों का विवरण
- नियमित स्वीकृत पदों की संख्या
- प्रस्तावित कानून लागू होने पर सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय भार का अनुमान
- संविदा कर्मचारियों की सेवा संबंधी अन्य आवश्यक जानकारी
इसके अलावा विश्वविद्यालयों से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से नियुक्त कर्मचारी और 50 हजार रुपये से कम वेतन पाने वाले शिक्षण कर्मचारी पहले से लागू हरियाणा विस्तार व्याख्याता एवं अतिथि व्याख्याता (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2024 तथा हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2024 के दायरे में आते हैं या नहीं। इसके समर्थन में संबंधित दस्तावेज और विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
इन 10 विश्वविद्यालयों को भेजा गया रिमाइंडर
उच्च शिक्षा विभाग ने जिन 10 राज्य विश्वविद्यालयों को रिमाइंडर जारी किया है, उनमें शामिल हैं—

- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय
- महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय
- चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय
- भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय
- चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय
- चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
- इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय
- डॉ. बीआर अंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय
- गुरुग्राम विश्वविद्यालय
- महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय
संविदा शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद
हरियाणा विश्वविद्यालय संविदा शिक्षक संघ (HUCTA) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय मलिक ने सरकार की इस पहल को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि संघ लंबे समय से मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष संविदा शिक्षकों के लिए सेवा सुरक्षा कानून लागू करने की मांग कर रहा है।
उनके अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दोबारा जानकारी मांगे जाने से यह संकेत मिलता है कि सरकार हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय संविदात्मक व्याख्याता (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2026 को अंतिम रूप देने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।
करीब 1400 संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिल सकता है लाभ

संघ का दावा है कि यदि यह कानून लागू होता है तो राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत लगभग 1,400 संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों को सेवा सुरक्षा का लाभ मिल सकता है। इससे उन्हें सरकारी कॉलेजों में कार्यरत विस्तार व्याख्याताओं की तर्ज पर नौकरी में स्थिरता और अन्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों से डेटा मांगना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए सेवा सुरक्षा कानून को जल्द लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। यदि प्रस्तावित अधिनियम लागू होता है, तो हजारों संविदा शिक्षकों को रोजगार सुरक्षा और बेहतर सेवा शर्तों का लाभ मिल सकता है।
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