Karnal HKRN Employees Protest : हरियाणा के करनाल में जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर 600 से ज्यादा HKRN कर्मचारियों ने हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, करनाल परिसर में करीब 2 घंटे तक सांकेतिक धरना दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने सरकार द्वारा घोषित जॉब सिक्योरिटी के प्रावधान के तहत आवेदन किया था, लेकिन उनके आवेदन बिना स्पष्ट कारण बताए रिजेक्ट कर दिए गए।

Written by Kajal Panchal • Published on : 17 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उनके आवेदनों की दोबारा जांच कराई जाए, आवेदन खारिज करने का कारण बताया जाए और पात्र कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी का लाभ दिया जाए।
600 से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर
कर्मचारियों के मुताबिक, जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर करनाल में 600 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसके बाद कर्मचारियों ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में एकजुट होकर प्रदर्शन किया और करीब दो घंटे तक सांकेतिक धरना दिया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से अपने भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई।
2024 में पोर्टल पर किए थे आवेदन
कर्मचारियों रीटा, रवि शर्मा, परविंद्र सिंह और अन्य ने बताया कि सरकार ने HKRN के तहत 5 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने की घोषणा की थी।
इसी घोषणा और निर्धारित नियमों के आधार पर कर्मचारियों ने वर्ष 2024 में पोर्टल के माध्यम से आवेदन किए थे। कर्मचारियों के अनुसार, उनके आवेदन संबंधित डायरेक्टर की ओर से वेरिफाई भी किए गए और इसके बाद उन्हें मुख्य कार्यालय भेजा गया।
कर्मचारियों का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन होने के बावजूद बाद में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों के आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए।
वेरिफिकेशन के बाद आवेदन रिजेक्ट होने से नाराज कर्मचारी
कर्मचारियों का कहना है कि उनके आवेदन पहले संबंधित स्तर पर वेरिफाई किए गए थे। इसके बाद उन्हें मुख्य कार्यालय भेजा गया। लेकिन बाद में उनके आवेदन खारिज कर दिए गए।
सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि कर्मचारियों को आवेदन रिजेक्ट करने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
कर्मचारियों के अनुसार, जब उन्होंने सरकार की ओर से निर्धारित नियमों और शर्तों के आधार पर आवेदन किया और आवेदन का वेरिफिकेशन भी हो चुका था, तो अचानक आवेदन खारिज किए जाने से उनके सामने नौकरी के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
मेवात और खानपुर मेडिकल कॉलेज का दिया उदाहरण
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मेवात और खानपुर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों के आवेदन वेरिफाई होने के बाद उन्हें ऑफर लेटर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों के आवेदन रिजेक्ट किए जाने से कर्मचारियों में असंतोष है।
कर्मचारियों का सवाल है कि यदि उन्होंने भी निर्धारित नियमों के तहत आवेदन किया था और उनके दस्तावेजों का वेरिफिकेशन हुआ था, तो उनके आवेदन को किस आधार पर खारिज किया गया।
कुटेल यूनिवर्सिटी में विलय को लेकर भी सवाल
कर्मचारियों ने कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज को कुटेल यूनिवर्सिटी में मर्ज किए जाने की चर्चा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि उनके अनुसार अभी ऐसा कोई विलय नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि इसी आधार पर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने जॉब सिक्योरिटी के लिए जो प्रक्रिया और नियम बताए थे, उन्होंने उन्हीं के अनुसार आवेदन किया था। इसलिए अब उनके आवेदन रिजेक्ट करने के पीछे स्पष्ट वजह बताई जानी चाहिए।
15 अगस्त को सम्मान, दूसरी तरफ आवेदन रिजेक्ट
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि 15 अगस्त को उनके कई साथियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया, लेकिन दूसरी तरफ जॉब सिक्योरिटी के लिए किए गए उनके आवेदन खारिज कर दिए गए।
कर्मचारियों का कहना है कि एक ओर उनके काम को सम्मान मिल रहा है और दूसरी ओर उनकी नौकरी की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सेवानिवृत्ति के करीब कई कर्मचारी
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि कई कर्मचारी ऐसे हैं जो सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके हैं। ऐसे में यदि उन्हें जॉब सिक्योरिटी नहीं मिलती है तो उनके सामने भविष्य को लेकर गंभीर परेशानी खड़ी हो सकती है।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बाद नौकरी की सुरक्षा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वे सरकार से किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि घोषित नियमों के तहत पात्रता का लाभ देने की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारियों की सरकार से तीन प्रमुख मांगें
धरना दे रहे कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि:
- रिजेक्ट किए गए सभी आवेदनों की दोबारा जांच कराई जाए।
- आवेदन खारिज करने का स्पष्ट कारण कर्मचारियों को बताया जाए।
- नियमों के अनुसार पात्र कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी का लाभ दिया जाए।
कर्मचारियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन अपने भविष्य को सुरक्षित करने की मांग को लेकर है। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार करे और पात्र कर्मचारियों के आवेदन पर दोबारा निर्णय लिया जाए।
अब सरकार के फैसले पर नजर
600 से ज्यादा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने और मेडिकल कॉलेज परिसर में दो घंटे के सांकेतिक धरने के बाद अब कर्मचारियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। कर्मचारी चाहते हैं कि उनके आवेदन रिजेक्ट किए जाने के कारणों को स्पष्ट किया जाए और यदि वे निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं तो उन्हें जॉब सिक्योरिटी का लाभ दिया जाए।
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