CJP Founder Abhijeet Deepke : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पिछले कुछ महीनों से अपने आंदोलनों और सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में हैं। जंतर-मंतर पर आंदोलन के बाद अब वे CJP की आगे की रणनीति, कोर कमेटी और देशभर में जनसंवाद की तैयारियों में जुटे हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 13 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि फिलहाल CJP को राजनीतिक पार्टी बनाने की कोई योजना नहीं है। उनका कहना है कि अभी राजनीति में उतरना जल्दबाजी होगी। उन्होंने सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ कार्यक्रम शुरू करने की बात भी कही है।
‘अभी CJP को राजनीतिक पार्टी बनाना जल्दबाजी’
अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP की कोर कमेटी में राजनीतिक पार्टी बनाने को लेकर चर्चा हुई है, लेकिन फिलहाल संगठन को पार्टी में बदलने का फैसला नहीं लिया गया है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल राजनीतिक दलों और चुनावों तक सीमित नहीं है। जनता, प्रेशर ग्रुप, सिविल सोसायटी, मीडिया और न्यायपालिका भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दीपके के मुताबिक, “पार्टी बन गई तो उसे आसानी से तोड़ा जा सकता है।” उनका कहना है कि फिलहाल CJP का फोकस जनता के मुद्दों और जनभागीदारी पर रहेगा।
राजनीतिक दलों से दूरी, सभी से बातचीत के लिए तैयार
यह पूछे जाने पर कि क्या किसी राजनीतिक दल ने CJP से जुड़ने का प्रस्ताव दिया है, दीपके ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला। उनके अनुसार अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग आंदोलन की सफलता पर शुभकामनाएं देने जरूर पहुंचे हैं।
कांग्रेस को लेकर उन्होंने बताया कि पवन खेड़ा उनसे मिले थे और उन्होंने कहा था कि उन्हें कांग्रेस और राहुल गांधी ने आंदोलन के मुद्दों पर बातचीत के लिए भेजा है। दीपके ने कहा कि राहुल गांधी से उनकी अभी बातचीत नहीं हुई है, लेकिन मौका मिलने पर वे उनसे मुलाकात करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा के लोग उनसे मिलना चाहें तो वे उनसे भी बातचीत के लिए तैयार हैं।
‘केजरीवाल पार्ट-2’ कहे जाने पर क्या बोले ?

अभिजीत दीपके को कुछ लोगों द्वारा आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल से जोड़कर देखे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें AAP से जोड़ते हैं, जबकि कुछ उन्हें RSS-BJP से जोड़ते हैं।
दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि पहले लोग आपस में तय कर लें कि उन्हें किसकी ‘बी-टीम’ कहना है।
कोर कमेटी में दोस्तों को शामिल करने के आरोप पर जवाब
CJP की कोर कमेटी में दोस्तों को पद देने के आरोपों पर दीपके ने कहा कि टीम में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है।
उन्होंने बताया कि किसी ने लीगल जर्नलिज्म, किसी ने पेपर लीक, किसी ने पॉलिसी और बजट, तो किसी ने किसान आंदोलन के मुद्दों पर काम किया है। दीपके के मुताबिक, इनमें से कई लोगों को वे पहले से जानते भी नहीं थे।
उन्होंने कहा कि अगर दोस्तों को ही शामिल करना होता तो वे अपने स्कूल और बचपन के दोस्तों को कोर कमेटी में जगह दे सकते थे।
‘अहंकार’ के आरोपों पर भी दी सफाई
अपने खिलाफ चल रहे विरोध और अहंकार के आरोपों पर दीपके ने कहा कि उनकी टीम ने विरोध करने वाले लोगों से बातचीत की है। उनके अनुसार, टीम के सदस्य करीब दो-तीन घंटे तक ऐसे लोगों के साथ बैठे और उनकी बातें सुनीं।
दीपके ने कहा कि कुछ लोगों की मांग थी कि उन्हें कोर टीम में शामिल किया जाए, लेकिन हर व्यक्ति को कोर टीम का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। संगठन का विस्तार होने पर आगे और लोगों को जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
EVM के साथ वोटर लिस्ट पर भी उठाए सवाल
चुनाव प्रक्रिया और EVM को लेकर अभिजीत दीपके ने कहा कि उनके अनुसार 2024 के आम चुनाव के बाद वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा भी गंभीर है।

उन्होंने कहा कि पहले वोटर सरकार चुनता था, लेकिन अब स्थिति ऐसी बनती जा रही है कि सरकार तय कर रही है कि वोटर कौन होगा।
दीपके ने वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली समस्या को केवल EVM तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने वोटर लिस्ट की पारदर्शिता को भी महत्वपूर्ण बताया।
‘क्या बोलती पब्लिक’ से देशभर में जनसंवाद

अभिजीत दीपके ने बताया कि सितंबर से CJP की ओर से ‘क्या बोलती पब्लिक’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके तहत टीम अलग-अलग राज्यों में जाएगी और लोगों से सीधे बातचीत करेगी।
इस दौरान जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और स्थानीय मुद्दों को समझने की कोशिश की जाएगी। दीपके के अनुसार, इन संवादों से सामने आने वाले मुद्दों के आधार पर आगे एक मॉडल एजेंडा तैयार किया जाएगा।
धर्म की राजनीति के बजाय शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर फोकस
धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति पर दीपके ने कहा कि देश के राजनीतिक विमर्श का फोकस बदलने की जरूरत है।
उनके अनुसार चुनाव के दौरान धर्म से जुड़े बयानों के बजाय राजनीतिक दलों को यह बताना चाहिए कि शिक्षा व्यवस्था को कैसे बेहतर बनाया जाएगा, युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने AI का भी जिक्र करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कुछ नौकरियों पर असर पड़ सकता है, लेकिन इसके साथ नए अवसर भी पैदा होंगे।
‘भारत में ही रहूंगा, पूरा समय CJP को दूंगा’
अमेरिका वापस जाने की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपके ने कहा कि वे भारत में ही रहेंगे और फुल टाइम यहीं काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपना पूरा समय CJP को देंगे।
Gen-Z की भूमिका पर बोले दीपके
देश में Gen-Z की भूमिका को लेकर दीपके ने कहा कि आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि किसी व्यक्ति का इस्तीफा नहीं, बल्कि युवाओं का अपने अंदर का डर खत्म करके सरकार से सवाल करना है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को सरकार से सवाल करने या अपनी बात रखने से डरना नहीं चाहिए।
युवाओं और समर्थकों को संदेश देते हुए दीपके ने लोगों का आभार जताया। साथ ही उन्होंने कहा कि रातों-रात किसी व्यक्ति को हीरो नहीं बनाया जाना चाहिए।
उनके अनुसार, लोकतंत्र में किसी एक व्यक्ति को देश, संविधान और संस्थाओं से बड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए।
सरकार ने वादे पूरे नहीं किए तो फिर होगा आंदोलन
सरकार के वादों पर सवाल उठाते हुए दीपके ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता फिर अपनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकारों को यह नहीं समझना चाहिए कि छात्रों और युवाओं का गुस्सा खत्म हो गया है। यदि समस्याएं बनी रहीं तो युवा दोबारा सड़कों पर उतर सकते हैं।
16 साल की उम्र में वोटिंग का अधिकार फिलहाल एजेंडे में नहीं
16 साल की उम्र में वोटिंग का अधिकार देने के सवाल पर दीपके ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई एजेंडा CJP के पास नहीं है और संगठन इस मुद्दे पर अभी विचार नहीं कर रहा है।
भारत की विदेश नीति पर अमेरिका को लेकर टिप्पणी
विदेश नीति पर बात करते हुए दीपके ने कहा कि जब अमेरिका के साथ ट्रेड और टैरिफ को लेकर बातचीत चल रही थी, उस समय वे अमेरिका में थे। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार अमेरिका अपने हितों के लिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर बनाए गए दबाव का भी उन्होंने जिक्र किया।
मीडिया को लेकर दीपके ने कहा कि उनके अनुसार अधिकांश मीडिया संस्थानों ने अपने-अपने प्रोपेगेंडा तय कर रखे हैं। हालांकि, उन्होंने दैनिक भास्कर की पत्रकारिता की तारीफ करते हुए कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए उनके दिल में भास्कर के प्रति विशेष स्थान है।
CJP का आगे का रास्ता क्या ?
अभिजीत दीपके के बयान से फिलहाल यह संकेत मिलता है कि CJP तत्काल राजनीतिक दल बनने के बजाय जनसंवाद, आंदोलन और जनता के मुद्दों पर दबाव बनाने वाले संगठन के रूप में काम करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
सितंबर से प्रस्तावित ‘क्या बोलती पब्लिक’ कार्यक्रम के जरिए अलग-अलग राज्यों में लोगों से संवाद और उनके मुद्दों को एक मॉडल एजेंडे में शामिल करने की योजना CJP के अगले चरण की दिशा तय कर सकती है। हालांकि, संगठन भविष्य में राजनीतिक पार्टी का रूप लेगा या नहीं, इस पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
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