Satish Goyal Board of Trade Appointment : केंद्र सरकार ने देश के व्यापार और निर्यात को नई दिशा देने के लिए बोर्ड ऑफ ट्रेड (बीओटी) का पुनर्गठन किया है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अंतर्गत वाणिज्य विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, वर्ष 2022 में नियुक्त 29 गैर-सरकारी सदस्यों की जगह अब विभिन्न क्षेत्रों के 40 नए विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों को बोर्ड में शामिल किया गया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 3 June 2026
IBN24 News Network : सरकार का उद्देश्य देश के निर्यात को बढ़ावा देना, व्यापारिक नीतियों को मजबूत बनाना तथा राज्यों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
घरौंडा के सतीश गोयल को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नई नियुक्तियों में हरियाणा के घरौंडा निवासी एवं ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल का नाम भी शामिल है। विशेष बात यह है कि वे देश के चावल उद्योग से जुड़े एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में बोर्ड ऑफ ट्रेड में शामिल किए गए हैं।
सतीश गोयल ने इस नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपतियों, विशेषज्ञों और व्यापारिक संगठनों को एक मंच पर लाकर निर्यात को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निर्यात क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
2019 में हुआ था बोर्ड ऑफ ट्रेड का गठन
वाणिज्य विभाग के अनुसार, 17 जुलाई 2019 की अधिसूचना के तहत काउंसिल फॉर ट्रेड डेवलपमेंट एंड प्रमोशन का विलय कर बोर्ड ऑफ ट्रेड का गठन किया गया था। इसके बाद 8 जुलाई 2022 को 29 गैर-सरकारी सदस्यों को बोर्ड में शामिल किया गया था। अब सरकार ने नई अधिसूचना जारी कर इन सदस्यों की जगह 40 नए सदस्यों की नियुक्ति की है।
इन प्रमुख हस्तियों को किया गया शामिल

नए बोर्ड में उद्योग, वित्त, निर्यात, कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिष्ठित नामों को शामिल किया गया है। इनमें सुनीता रामनाथकर, विक्रमपति सिंघानिया, के. एम. सुब्रमणियन, संजय नय्यर, सी. एस. सेट्टी, प्रशांत प्रकाश, विराट भाटिया, पंकज महिंद्रू, जसबीर सिंह, पूरन दावर, नरेन गोयनका, जयन मेहता, अनीश शाह, शैलेश चंद्रा, सतीश रेड्डी, पार्थ जिंदल, श्रीधर वेम्बू, पवन गोयनका, राजीव मेमानी, डॉ. उपासना अरोड़ा समेत आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई के अध्यक्ष शामिल हैं।
राज्यों को मिलेगा अपनी बात रखने का मंच
बोर्ड ऑफ ट्रेड के गैर-सरकारी सदस्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को व्यापार नीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने का अवसर प्रदान करना होगा। इसके साथ ही जिला स्तर पर ‘एक्सपोर्ट हब’ विकसित करने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सहयोग किया जाएगा।
निर्यात बढ़ाने और चुनौतियों के समाधान पर रहेगा फोकस
नए सदस्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हो रहे बदलावों की जानकारी राज्यों और उद्योगों तक पहुंचाएंगे। साथ ही निर्यात रणनीतियों को मजबूत बनाने, व्यापारिक अवसंरचना जैसे सड़क, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के विकास तथा व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए सुझाव देंगे।
सरकार को देंगे नीतिगत सुझाव
बोर्ड के सदस्य विभिन्न क्षेत्रों के निर्यात प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे और उद्योग जगत के सामने आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान सुझाएंगे। आयात-निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने, नियमों में सुधार लाने तथा विदेशी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार को आवश्यक नीतिगत सुझाव दिए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड ऑफ ट्रेड का यह पुनर्गठन भारत के निर्यात क्षेत्र को नई ऊर्जा देगा और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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