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रजिस्ट्रार लोकायुक्त ने आम का पौधा रोप कर की पौधरोपण अभियान की शुरूआत, छायादार व शोदार पौधे

IBN24 न्यूज़ नेटवर्क, इन्द्री, 5 जून जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी के मार्गदर्शन में गांव ब्याना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार लोकायुक्त हरियाणा लालचंद विनायक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने स्कूल परिसर में स्वर्णरेखा व अल्फांसो आम के पौधे रोप कर अभियान की शुरूआत की। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल में आम, आलू बुखारा, पाम, अमरूद व लुकाट के अनेक पौधे रोपे गए। शहीद सोमनाथ स्मारक समिति के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में कईं स्कूलों के अध्यापकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिरकत की।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रजिस्ट्रार लोकायुक्त हरियाणा लालचंद विनायक ने कहा कि पूरे ब्रह्मांड में केवल एक ही धरती है और यहीं पर जीवन संभव है। लेकिन धरती का तापमान दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। वैश्विक ऊष्णता आज के समय की सबसे बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में दिन में बहुत अधिक तापमान होने के कारण किसान दिन में खेत में काम नहीं कर पाते हैं। वे रात को लालटेन व लाइट की रोशनी में खेत में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर यूं ही तापमान बढ़ता गया तो पूरा जीवन-चक्र प्रभावित हो सकता है। आज जो फसलें हम उगाते हैं, वे शायद हमें ना मिल पाएं। 

उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए सुविधाएं तो बढ़ गई हैं, लेकिन प्रकृति को काफी नुकसान हो गया है। उन्होंने कहा कि धरती पर 71 प्रतिशत पानी है, लेकिन उसमें से 90 प्रतिशत पीने लायक नहीं है। जो पानी पीने लायक है, उसका ज्यादातार मनुष्य की पहुंच में नहीं है। ऐसे में यदि पानी का अंधाधुंध दोहन होता गया तो आने वाले समय में मनुष्य की जरूरत के पानी के लिए भी लाले पड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल के अध्यापकों और विद्यार्थियों द्वारा स्कूल में पौधे लगाना और उनको पालना बहुत महत्वपूर्ण पहलकदमी है। यदि हमें अपनी धरती को बचाना है तो पौधों को लगाना और पालना बहुत जरूरी काम है। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारी प्रकृति और संस्कृति की अनमोल धरोहर है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्कूल व शहीद सोमनाथ स्मारक समिति को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

स्कूल के प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, सतीश कांबोज, सुनील कुमारी, राजेश सैनी, नरेश कुमार मीत, बलराज कांबोज, भागवंती, रीना नरवाल, ईशा मुंजाल, सुदर्शन मदान,  मुकेश खंडवाल, गोपाल दास, ईएसएचएम मधु रानी, सोनिया खोखर, प्रीति आहुजा, प्रवीण कुमारी, स्नेह लता, गोपाल सिंह, जितेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र कुमार, सुलोचना और ऊषा, धर्मबीर ने स्कूल की तरफ से मुख्य अतिथि को शॉल ओढ़ाकर और देस हरियाणा पत्रिका का ताजा अंक भेंट करके स्वागत किया। शहीद सोमनाथ स्मारक समिति से जुड़े नन्हेड़ा स्कूल के अध्यापक महिन्द्र खेड़ा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि प्रकृति प्रेम और सादगी दोनों आधारभूत सिद्धांत हैं, जिनसे समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने नन्हेड़ा स्कूल में बागवानी के अनुभव सांझा किए।

अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि पर्यावरण पर मंडरा रहा खतरा हमारे सामूहिक प्रयासों से कम हो सकता है। उन्होंने खेतों में अवशेष जलाए जाने और सडक़ किनारे पेड़ जलाए जाने को लेकर चिंता जताई। हिन्दी अध्यापक नरेश कुमार मीत ने काव्यमयी भाषा में अपना संबोधन करते हुए कहा कि मानवता के सामने खड़े संकट से केवल पेड़ ही बचा सकता है। अंग्रेजी प्राध्यापक राजेश सैनी ने मुख्य अतिथि व कईं स्कूलों से आए अध्यापकों का आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर अध्यापक मान सिंह चंदेल, सबरेज अहमद, देवेन्द्र देवा, उधम सिंह, धर्मवीर लठवाल, जसवंत बांकुरा, विवेक हलवाना, नरेंद्र बंटी, बंटी कांबोज, लाल सुदर्शन, शहीद सोमनाथ स्मारक समिति से गुंजन, हरियाली युवा संगठन से सूरजभान, केहर सिंह, प्रियंका, सार्थक, स्वाति, सुहानी, देवांशी, भारती, राहुल व खुशी उपस्थित रहे।

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