NHM Employees Permanent : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत लंबे समय से काम कर रहे हजारों अनुबंधित कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों ने 10 साल से अधिक की लगातार सेवा पूरी कर ली है, उनकी सेवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।

Written by Kajal Panchal • Published on : 28 May 2026
IBN24 News Network : कोर्ट ने राज्य सरकार को इस पूरी प्रक्रिया को 8 सप्ताह के भीतर पूरा करने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से हरियाणा में कार्यरत करीब 10 हजार NHM कर्मचारियों को सीधा लाभ मिल सकता है।
यह फैसला न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल की एकल पीठ ने ‘नीरज रानी और अन्य बनाम हरियाणा राज्य व अन्य’ (CWP-35408-2025) समेत 100 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 18 अप्रैल 2026 को सुनाया।
10 साल से अधिक समय से कर रहे थे नौकरी

सरकार ने कोर्ट में क्या दलील दी
हरियाणा सरकार ने अदालत में अपनी तरफ से कहा कि NHM केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित एक योजना है, जो 60:40 फंडिंग पैटर्न पर संचालित होती है। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है।
सरकार ने यह भी दलील दी कि यह एक परियोजना आधारित अस्थायी व्यवस्था है, इसलिए कर्मचारियों को स्थायी करने की कोई कानूनी बाध्यता राज्य सरकार पर नहीं बनती। इसके अलावा सरकार ने कहा कि कर्मचारियों को नियमित करने से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
हाईकोर्ट ने सरकार की दलीलें खारिज कीं
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की सभी दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता संविधान के तहत राज्य सूची का विषय है।
कोर्ट ने कहा कि भले ही योजना के लिए पैसा केंद्र सरकार से आ रहा हो, लेकिन उसका प्रशासनिक नियंत्रण और संचालन पूरी तरह राज्य सरकार के हाथ में है। इसलिए सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी : ‘राज्य कोई बाजार का व्यापारी नहीं’
न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने अपने फैसले में राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक कल्याणकारी राज्य अपने कर्मचारियों को लंबे समय तक अस्थिरता और अनिश्चितता में नहीं रख सकता।
कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक सुविधा या वित्तीय कारणों का हवाला देकर कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य कोई बाजार का व्यापारी नहीं है, जो केवल लाभ-हानि के आधार पर फैसले ले।
अदालत ने यह भी माना कि वर्षों से लगातार सेवा दे रहे कर्मचारियों को नियमित न करना उनके साथ अन्याय है।
हजारों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
इस फैसले के बाद हरियाणा में NHM के तहत कार्यरत हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी जीत माना जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों को आखिरकार न्याय मिला है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों को स्थायी किए जाने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार हो सकता है। लंबे समय से अस्थायी नौकरी में काम कर रहे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे ज्यादा बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
कोरोना काल के दौरान भी NHM कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में हाईकोर्ट का यह फैसला स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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