Karnal Harsh Encounter Case : हरियाणा के करनाल में हर्ष एनकाउंटर मामले को लेकर रोड़ समाज की ओर से मंगलवार को दोबारा पंचायत का आयोजन किया गया। यह पंचायत रोड़ महासभा भवन में हुई, जिसमें समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री की ओर से 16 अगस्त तक कार्रवाई के लिए मांगे गए समय के बावजूद 18 अगस्त तक कोई अपडेट नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।

Written by Kajal Panchal • Published on : 18 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : पंचायत में हर्ष को न्याय दिलाने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। साथ ही, आंदोलन की आगामी दिशा तय करने के लिए एक कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया। समाज के अनुसार, यह कमेटी आगे के कार्यक्रम और आंदोलन को लेकर निर्णय लेगी।
16 अगस्त तक कार्रवाई का दिया था आश्वासन
रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने कहा कि हर्ष एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर समाज लगातार अपनी आवाज उठा रहा है। उन्होंने बताया कि समाज के कुछ लोग चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। उस दौरान मुख्यमंत्री की ओर से 16 अगस्त तक का समय मांगा गया था और मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, अब 18 अगस्त हो चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से समाज को किसी कार्रवाई या जांच को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके चलते समाज में रोष है।

बलकार सिंह ने बताया कि समाज की प्रमुख मांगों में करनाल के विधायक जगमोहन आनंद के तीन कथित बयानों पर कार्रवाई करना शामिल है। समाज का कहना है कि विधायक द्वारा दिए गए ये बयान एक जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थे।
इसके अलावा, मामले से जुड़े अधिकारियों को निलंबित करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।
CBI या सीटिंग जज से जांच की मांग
रोड़ समाज की तीसरी प्रमुख मांग हर्ष एनकाउंटर मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI या किसी सीटिंग जज से करवाने की है। समाज का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समाज को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा।
विधानसभा स्पीकर और विधायक के आश्वासन पर भी सवाल
बलकार सिंह ने विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण और विधायक सतपाल जांबा की ओर से समाज को दिए गए आश्वासन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों सरकार का हिस्सा होने के साथ-साथ समाज से भी जुड़े हुए हैं।
उनके मुताबिक, यदि समाज को आश्वासन दिया गया था तो अब तक उसका कोई परिणाम सामने आना चाहिए था। कम से कम सरकार की ओर से कार्रवाई को लेकर कोई अपडेट मिलना चाहिए था।
इसी वजह से मंगलवार की पंचायत में समाज के सम्मान और हर्ष मामले में न्याय की मांग को लेकर आगे की रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी, जो आगामी कार्यक्रमों और आंदोलन की दिशा तय करेगी।
सड़कों पर उतरने की चेतावनी
पंचायत में समाज के लोगों ने कहा कि यदि हर्ष को न्याय दिलाने के लिए उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। हालांकि, समाज ने दोहराया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
समाज का कहना है कि उनकी मांग किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करवाना है।
धमकी वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर समाज ने दी सफाई
इस बीच, सोशल मीडिया पर सामने आई एक एडवोकेट को गोली मारने की धमकी वाली पोस्ट को लेकर भी रोड़ समाज की ओर से सफाई दी गई। समाज के एक व्यक्ति ने कहा कि रोड़ समाज के किसी व्यक्ति ने किसी को गोली मारने की धमकी नहीं दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी पोस्ट के जरिए समाज को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि पोस्ट में जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, वे शांत और सभ्य लोग हैं और इस तरह की धमकी देने का सवाल ही नहीं उठता।
समाज ने मांग की कि ऐसी पोस्ट डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
फिलहाल, हर्ष एनकाउंटर मामले में रोड़ समाज की नजर सरकार की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई पर है। 16 अगस्त तक कार्रवाई के आश्वासन के बाद 18 अगस्त तक कोई स्पष्ट अपडेट नहीं मिलने से समाज ने अपनी अगली रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। अब गठित होने वाली कमेटी यह तय करेगी कि न्याय की मांग को लेकर आगे कौन से कदम उठाए जाएंगे।
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