IBN24 News Network (Kajal Panchal)
ग्लोबल तनाव से बाजार में हलचल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव के बीच सोने की कीमतों में अचानक तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच 18 दिन पुराना युद्धविराम टूटने के बाद निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में लोग सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं और सोना हमेशा से “सेफ हेवन” माना जाता है। यही वजह है कि सोने ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है।
कॉमैक्स पर सोने में उछाल
कॉमैक्स (COMEX) पर सोने की कीमत में करीब 22 डॉलर का उछाल दर्ज किया गया, जिसके बाद यह 4,541.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। इसका मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग अचानक बढ़ी है। जब ग्लोबल मार्केट में खरीदारी बढ़ती है, तो उसका सीधा असर भारत जैसे देशों में भी देखने को मिलता है।
मिडिल ईस्ट में क्यों बढ़ा तनाव?
मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया और यूएई पर मिसाइल हमले किए। इसके बाद अमेरिका ने कड़ी चेतावनी दी है। इस तरह की घटनाएं दुनिया भर के निवेशकों को डरा देती हैं, जिससे वे शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश से हटकर सोने में पैसा लगाना शुरू कर देते हैं।
सोना क्यों चढ़ रहा है?
यही कारण है कि सोने की कीमतें बढ़ रही हैं।

जब भी दुनिया में युद्ध, संकट या राजनीतिक अस्थिरता होती है, तो सोने की मांग बढ़ जाती है। इसे “सेफ इन्वेस्टमेंट” माना जाता है क्योंकि इसकी कीमत लंबे समय में स्थिर रहती है और जोखिम कम होता है। इसलिए जैसे ही तनाव बढ़ता है, सोने में पैसा लगना शुरू हो जाता है और कीमतें ऊपर चली जाती हैं।
भारत में ताजा सोने के रेट
अगर भारतीय बाजार की बात करें, तो IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। वहीं MCX पर सोना 1,49,301 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, हालांकि यहां थोड़ी गिरावट देखने को मिली। इसका मतलब यह है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग-अलग ट्रेंड चल सकते हैं।
चांदी में गिरावट क्यों?
चांदी की कीमतों में इस दौरान गिरावट देखने को मिली है। जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2.77 फीसदी गिरकर 2,43,994 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। वहीं दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 2,49,500 रुपये प्रति किलो बिक रही है। यह दिखाता है कि हर कीमती धातु एक जैसा व्यवहार नहीं करती—सोना बढ़ सकता है जबकि चांदी गिर सकती है।
24K, 22K और 18K का फर्क
सोने के अलग-अलग कैरेट की बात करें तो 24 कैरेट सबसे शुद्ध होता है और निवेश के लिए बेहतर माना जाता है। 22 कैरेट सोना ज्वेलरी में ज्यादा इस्तेमाल होता है क्योंकि यह थोड़ा मजबूत होता है। वहीं 18 कैरेट सोना डिजाइनर ज्वेलरी में इस्तेमाल किया जाता है और इसकी कीमत कम होती है। यानी कैरेट कम होने के साथ कीमत भी कम होती है, लेकिन मजबूती बढ़ जाती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
अगर पूरे घटनाक्रम को समझें, तो साफ है कि सोने की कीमतों में आई तेजी का सबसे बड़ा कारण वैश्विक तनाव है।

निवेशकों का भरोसा जब दूसरे बाजारों से हटता है, तो वे सोने की तरफ जाते हैं। यही ट्रेंड इस समय भी देखने को मिल रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या यह सिर्फ एक अस्थायी उछाल है। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो सोना और महंगा हो सकता है। लेकिन अगर हालात सामान्य हो जाते हैं, तो कीमतों में गिरावट भी आ सकती है।
डिस्क्लेमर
यह जानकारी केवल सामान्य सूचना देने के उद्देश्य से प्रदान की गई है। इसमें दिए गए भाव, आंकड़े और विश्लेषण बाजार की स्थिति पर आधारित हैं, जो समय के साथ बदल सकते हैं। सोना या चांदी खरीदने अथवा निवेश करने का निर्णय पूरी तरह से आपकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
आपको क्या राय है कमेंट में जरुर बताए
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