Chandigarh-Mohali Border Protest : बंदी सिखों की रिहाई और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में दोषी जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने स्वतंत्रता दिवस के दिन मोहाली से चंडीगढ़ स्थित राजभवन की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 15 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : कौमी इंसाफ मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सुबह मोहाली के YPS चौक के पास एकत्र हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ की ओर मार्च शुरू किया। मोर्चा की मुख्य मांग लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई है। प्रदर्शनकारियों ने राजभवन तक पहुंचकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखने का ऐलान किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन में करीब 2,000 लोग शामिल हुए।
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने मोहाली-चंडीगढ़ सीमा और चंडीगढ़ में प्रवेश करने वाले प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी। बैरिकेडिंग के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

राजभवन और प्रदर्शनकारियों के संभावित मार्ग पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई और प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की पेशकश भी की गई।
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का किया इस्तेमाल
जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की और बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े।
कुछ रिपोर्टों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ में आगे बढ़ने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।
क्या हैं कौमी इंसाफ मोर्चा की मांगें ?
कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों यानी बंदी सिंहों की रिहाई की मांग करता रहा है। मोर्चा का कहना है कि कई कैदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं और उन्हें रिहा किया जाना चाहिए।

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों की ओर से जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग भी उठाई गई है। हवारा पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है।
मोर्चा का आंदोलन जनवरी 2023 से मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर जारी है और समय-समय पर इसके तहत प्रदर्शन और मार्च किए जाते रहे हैं।
सिमरनजीत सिंह मान को पुलिस ने हिरासत में लिया
प्रदर्शन के दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान भी राजभवन की ओर बढ़ते प्रदर्शन में शामिल हुए। रिपोर्टों के मुताबिक, चंडीगढ़ में राजभवन के नजदीक पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
प्रशासन ने बातचीत की पेशकश की
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। पुलिस ने कहा कि प्रशासन मोर्चे के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए तैयार है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर उनका आंदोलन लंबे समय से जारी है और वे सरकार से इस मुद्दे पर ठोस फैसला चाहते हैं।
15 अगस्त को प्रदर्शन से बढ़ी हलचल
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुए इस मार्च के कारण मोहाली और चंडीगढ़ के बीच यातायात और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोकने के लिए पहले से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे।
Disclaimer : प्रदर्शन के दौरान घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। पुलिस कार्रवाई, हिरासत में लिए गए लोगों और यातायात व्यवस्था से जुड़ी जानकारी प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट के अनुसार बदल सकती है।
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