35 Grandsons Carry 95-Year-Old Grandmother Kanwar Yatra : सावन का महीना शुरू होते ही देशभर में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इस बार आस्था के कई ऐसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं, जो लोगों का दिल जीत रहे हैं। कहीं 95 साल की दादी को उनके पोते कांवड़ पर बैठाकर हरिद्वार ले जा रहे हैं, तो कहीं एक पिता अपनी 9 महीने की बेटी को साथ लेकर यात्रा कर रहा है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 7 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : हापुड़ जिले से सामने आई तस्वीरें लोगों को भावुक कर रही हैं। यहां 95 वर्षीय सोनदेवी की वर्षों पुरानी इच्छा थी कि वह हरिद्वार जाकर गंगा स्नान करें और कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनें। हालांकि, बढ़ती उम्र के कारण उनके लिए पैदल यात्रा करना संभव नहीं था। जैसे ही परिवार को उनकी इच्छा का पता चला, सभी ने मिलकर उसे पूरा करने का फैसला किया। इसके बाद परिवार के 35 पोते दादी को विशेष कांवड़ पर बैठाकर हरिद्वार के लिए रवाना हुए।
पोते ने बताई दादी की इच्छा
बुलंदशहर के हसनपुर जागीर निवासी सोनू ने बताया कि दादी सोनदेवी लंबे समय से हरिद्वार जाकर गंगा स्नान करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि दादी की उम्र अधिक होने के कारण वह पैदल नहीं चल सकती थीं। इसलिए पूरे परिवार ने मिलकर उनकी इच्छा पूरी करने का निर्णय लिया।
9 महीने की बेटी को लेकर निकला पिता
कांवड़ यात्रा में एक और तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है। एक पिता अपनी 9 महीने की बेटी को कांवड़ पर बैठाकर यात्रा कर रहा है। यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे आस्था और परिवार के मजबूत रिश्ते का प्रतीक बता रहे हैं।
7 साल की शिवन्या भी कर रही कांवड़ यात्रा

वहीं, एक और वीडियो में 7 वर्षीय शिवन्या अपने माता-पिता के साथ कांवड़ यात्रा करती नजर आ रही है। जब उससे पूछा गया कि इतनी छोटी उम्र में यात्रा कैसे कर रही हो, तो उसने मुस्कुराते हुए कहा, “ये भगवान शिव की शक्ति है, जो मैं आगे बढ़ रही हूं।” शिवन्या का यह जवाब सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर मिल रही अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
इन तस्वीरों और वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग परिवार के समर्पण और बुजुर्गों के सम्मान की सराहना कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग छोटी बच्ची को यात्रा में शामिल करने पर अपनी राय भी दे रहे हैं। हालांकि, ज्यादातर यूजर्स इन दृश्यों को सावन की आस्था और पारिवारिक एकजुटता का उदाहरण बता रहे हैं।
सावन में चरम पर है कांवड़ यात्रा

हर साल सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं। इस दौरान कई अनोखी और भावुक तस्वीरें सामने आती हैं। इस बार 95 साल की दादी, 35 पोतों का साथ और छोटी बच्चियों की आस्था ने लोगों का दिल जीत लिया है।
कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह परिवार, समर्पण और विश्वास की भी मिसाल बनकर सामने आती है। हापुड़ की 95 वर्षीय दादी की इच्छा पूरी करने वाले 35 पोते हों या अपनी नन्ही बेटी के साथ यात्रा पर निकला पिता, इन कहानियों ने सावन के इस पावन महीने को और भी खास बना दिया है।
Please also read this article :
LinkedIn Marketing Tips for Professionals : अपना नेटवर्क बनाने और बढ़ाने के 5 बेहतरीन तरीके
LinkedIn Marketing Tips for Professionals : अपना नेटवर्क बनाने और बढ़ाने के 5 बेहतरीन तरीके
Top 5 Free AI Tools : for Content Writing Every Creator Should Use
Top 5 Free AI Tools : for Content Writing Every Creator Should Use
Instagram: https://www.instagram.com/ib





