US Strikes Iran Chabahar Port : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरान के दक्षिण-पूर्वी शहर चाबहार पोर्ट पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना जारी रखा, तो अमेरिकी हमले “और भी ज्यादा गंभीर” होंगे।

Written by Kajal Panchal • Published on : 9 July 2026
IBN24 News Network : हमले के दौरान चाबहार शहर में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। स्थानीय लोगों ने लगातार धमाकों की पुष्टि की, जबकि राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलों में बंदरगाह के पियर, समुद्री यातायात नियंत्रण टावर और आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि, नागरिक सुविधाओं और ऊर्जा अवसंरचना को नुकसान से बचाने की कोशिश की गई।
अमेरिका का दावा- 90 ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान में ईरान के लगभग 90 सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरे में डालने के लिए किया जा रहा था।
CENTCOM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों और नागरिक क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
ट्रंप बोले- “हर हमले का 20 गुना जवाब देंगे”
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को उससे कहीं अधिक नुकसान पहुंचाया है।

उन्होंने कहा, “उन्होंने जितना हमला किया, हमने उसका 20 गुना जवाब दिया है। अगर वे फिर हमला करेंगे तो हम और भी कड़ा जवाब देंगे।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका फिर से पूर्ण सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ रहा है, तो ट्रंप ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका बहुत तेजी से जीत हासिल करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से काफी कमजोर हो चुका है और समझौता करना चाहता है।
ईरान का पलटवार

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने लगातार दूसरे दिन जवाबी हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। हालांकि, इन हमलों से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह समझना होगा कि “धमकाने और वादे तोड़ने की कीमत अब चुकानी पड़ेगी।”
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह सैन्य टकराव पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ा सकता है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल निर्यात होता है, वहां तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।
Disclaimer:
यह खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है। दोनों पक्षों के कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी संभव नहीं हो सकी है।
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