Haryana AI Natural Farming : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा को विजन-2035 और हरित क्रांति 2.0 के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती करने का एक तरीका नहीं, बल्कि किसान, प्रकृति और भविष्य को जोड़ने वाला एक समग्र विकास मॉडल है। यदि पारंपरिक प्राकृतिक खेती को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाए, तो हरियाणा देश के लिए कृषि का नया मॉडल बन सकता है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 8 July 2026
IBN24 News Network : बुधवार को पंचकूला में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत अब तक हरियाणा के करीब 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि का प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण कराया है। वहीं वर्ष 2025-26 के दौरान 20,727 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा चुकी है।
13 हजार से अधिक लोगों को मिला प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में अब तक 13,300 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा 6,234 सरपंचों को भी प्रशिक्षित किया गया है, ताकि गांव-गांव प्राकृतिक खेती का संदेश पहुंचाया जा सके।
देसी गाय पर सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपये
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वर्ष 2025 से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले पात्र किसानों के लिए देसी गाय पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है। साथ ही APEDA प्रमाणित प्राकृतिक एवं जैविक किसानों को पांच वर्षों तक प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है।
प्राकृतिक उत्पादों के लिए अलग बाजार

सरकार प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बेहतर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल की मंडियों में अलग स्थान उपलब्ध कराएगी। इससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
हर जिले में बनेगा मॉडल प्राकृतिक खेती क्लस्टर
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र में 2,000 एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट एग्रीकल्चर योजना शुरू की जाएगी। इसके साथ ही क्लस्टर आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल लागू किया जाएगा। प्रत्येक जिले में कम से कम एक मॉडल प्राकृतिक खेती क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जिसमें 100 या उससे अधिक किसान शामिल होंगे और 250 से 400 एकड़ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के दायरे में लाया जाएगा।
‘हरियाणा प्रकृति’ बनेगा नया ब्रांड

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ‘हरियाणा प्रकृति’ नाम से एक नया ब्रांड विकसित करेगी, जिससे हरियाणा के प्राकृतिक और जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि एग्री स्टार्टअप, फूड प्रोसेसिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, AI आधारित कृषि समाधान और जैविक उत्पादों का वैश्विक बाजार किसानों के लिए आय बढ़ाने के नए अवसर प्रदान करेगा।
किसानों से किया प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से अपनी मिट्टी को स्वस्थ बनाने और प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती का समन्वय ही भविष्य की टिकाऊ कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव बनेगा।
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