Haryana Weather Update : हरियाणा में 28 मई के बाद हुई बारिश ने भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत दी है। मई के अंतिम सप्ताह में जहां प्रदेश का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह करीब 39 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम लगातार परिवर्तनशील बना रहेगा और कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक तथा बारिश देखने को मिल सकती है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 2 June 2026
IBN24 News Network : कृषि मौसम विज्ञान विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश पर दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ 2 जून की रात से प्रभाव दिखाएगा, जबकि दूसरा 4 जून को पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। इन दोनों सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से 2 जून से 6 जून तक अधिकांश जिलों में मौसम सक्रिय रहेगा।
7 डिग्री तक लुढ़का तापमान
बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। 27 मई तक अधिकतम तापमान करीब 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो अब घटकर लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रह गया है। हालांकि सोमवार को अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, फिर भी यह सामान्य से 4.4 डिग्री कम बना हुआ है।
तापमान की स्थिति

2 से 6 जून तक कैसा रहेगा मौसम ?
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार रात से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन गर्मी और उमस से राहत बनी रहेगी।
2 जून : येलो अलर्ट
सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, पंचकूला, करनाल, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और पलवल में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने तथा हल्की बारिश की संभावना है।
3 जून : सिरसा में तेज बारिश के संकेत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सिरसा जिले में तेज बारिश हो सकती है, जबकि फतेहाबाद, हिसार और भिवानी में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने की संभावना है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी बूंदाबांदी और बादल छाए रह सकते हैं।
4 जून : पूरे प्रदेश में मौसम रहेगा सक्रिय
4 जून को हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हवाएं चल सकती हैं। फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, झज्जर, गुरुग्राम और फरीदाबाद में बारिश की संभावना जताई गई है।
मार्च से मई तक 18% ज्यादा बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 31 मई के बीच हरियाणा में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
| अवधि | वास्तविक वर्षा | सामान्य वर्षा | अंतर |
|---|---|---|---|
| 1 मार्च – 31 मई | 52.4 मिमी | 44.6 मिमी | +18% |
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण प्रदेश में नमी बनी हुई है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
प्रमुख जिलों का तापमान

पिछले 23 वर्षों में मानसून का रिकॉर्ड
हरियाणा में मानसून का प्रदर्शन हर वर्ष एक जैसा नहीं रहा है। पिछले 23 वर्षों में कई बार सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई।
- 2014 सबसे खराब मानसून वर्ष रहा, जब केवल 200.1 मिमी बारिश हुई और वर्षा सामान्य से 57% कम रही।
- 2019 में 42% कम बारिश दर्ज की गई।
- 2012 में वर्षा सामान्य से 40% कम रही।
- 2013 में मानसून सबसे पहले 16 जून को पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद वर्षा 23% कम रही।
- 2004 में मानसून सबसे देर से 8 जुलाई को आया और उस वर्ष 24% कम बारिश रिकॉर्ड की गई।
किसानों और आम लोगों के लिए राहत
विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में होने वाली बारिश और तेज हवाएं किसानों तथा आम लोगों के लिए राहत लेकर आएंगी। हालांकि गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
हरियाणा में अगले पांच दिन मौसम पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है। दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से 2 जून से 6 जून तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। इससे तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को भीषण गर्मी व लू से राहत मिलती रहेगी।
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