4 NEET Students Die by Suicide : NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और री-एग्जाम की घोषणा के बाद छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव की भयावह तस्वीर सामने आ रही है। पिछले दो दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों में चार NEET अभ्यर्थियों ने आत्महत्या कर ली। इनमें तमिलनाडु की एक छात्रा का आखिरी संदेश पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 18 June 2026
IBN24 News Network : छात्रा ने अपने परिजनों को भेजे संदेश में लिखा, “मैंने NEET परीक्षा दी थी और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का इंतजार कर रही थी, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई। अब दोबारा परीक्षा देने से डर लग रहा है। पापा ने मेरी पढ़ाई पर बहुत पैसा खर्च किया है, मैं उनका सामना कैसे करूंगी, नहीं जानती।”
बताया जा रहा है कि 12 मई को NEET परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में अब तक लगभग 12 छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं।
तमिलनाडु में छात्रा ने जहर खाकर दी जान
कोयंबटूर की रहने वाली 19 वर्षीय अनुकीर्तना NEET की तैयारी कर रही थी। उसका सपना डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना था। लेकिन पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा रद्द होने और 21 जून को री-एग्जाम की घोषणा से वह गहरे तनाव में चली गई।

बुधवार सुबह उसने अपने रिश्तेदारों को एक लंबा व्हाट्सएप मैसेज भेजा। जब परिजन उसके घर पहुंचे तो वह कमरे में बेहोश मिली। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अहमदाबाद में 17 साल के छात्र ने लगाई छलांग
गुजरात के अहमदाबाद में बुधवार देर रात करीब 2:30 बजे 17 वर्षीय छात्र ने छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि वह NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
दो दिन पहले भी सामने आए थे दो मामले
इससे पहले 16 जून को उत्तराखंड के देहरादून में 23 वर्षीय रिया थापा और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 17 वर्षीय छात्रा ने भी आत्महत्या कर ली थी। दोनों मामलों में परीक्षा और भविष्य को लेकर तनाव की बात सामने आई थी।
इन चार घटनाओं ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
परिवार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की
अनुकीर्तना की मौत के बाद परिजनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। वहीं कई छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी NEET परीक्षा प्रणाली की समीक्षा की मांग उठाई है।

पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसके अंतिम संदेशों समेत पूरे मामले की जांच की जा रही है।
क्यों रद्द हुई थी NEET परीक्षा ?
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी।
इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर 21 जून को री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा
NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS, नर्सिंग और अन्य मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश मिलता है। AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले का रास्ता भी इसी परीक्षा से होकर जाता है।
बढ़ती घटनाएं खड़े कर रही हैं बड़े सवाल
लगातार सामने आ रहे आत्महत्या के मामलों ने परीक्षा प्रणाली, छात्रों पर बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के साथ-साथ छात्रों को भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि कोई छात्र निराशा में ऐसा कदम उठाने को मजबूर न हो।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब रुकेगा यह सिलसिला और छात्रों को इस दबाव से राहत कैसे मिलेगी?
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