Now alert before collision! 2026 तक गाड़ियां खुद करेंगी ‘आपस में बात’, हादसों पर लगेगा ब्रेक! भारत में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार साल 2026 के अंत तक सभी नए वाहनों में ‘व्हीकल-टू-व्हीकल’ (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को अनिवार्य करने की योजना बना रही है। इस तकनीक के आने के बाद गाड़ियां सड़क पर चलते समय एक-दूसरे से ‘बात’ कर सकेंगी और किसी भी संभावित खतरे या टक्कर से पहले ड्राइवर को अलर्ट कर देंगी

क्या है V2V कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी?
Now alert before collision! 2026 तक गाड़ियां खुद करेंगी ‘आपस में बात’, हादसों पर लगेगा ब्रेक! V2V तकनीक एक वायरलेस संचार प्रणाली है जो वाहनों को एक-दूसरे के साथ रीयल-टाइम डेटा साझा करने की अनुमति देती है। इसमें वाहन अपनी गति, स्थान, दिशा और ब्रेक लगाने की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारी आसपास के अन्य वाहनों को भेजते हैं। यह तकनीक 30 MHz के समर्पित स्पेक्ट्रम पर काम करती है, जिससे बिना किसी रुकावट के डेटा का आदान-प्रदान संभव होता है ।
“V2V एक क्रैश अवॉइडेंस तकनीक है, जो खतरनाक स्थितियों के बारे में ड्राइवरों को चेतावनी देने के लिए आस-पास के वाहनों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान पर निर्भर करती है।” — नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA)
यह तकनीक कैसे काम करती है?
Now alert before collision! 2026 तक गाड़ियां खुद करेंगी ‘आपस में बात’, हादसों पर लगेगा ब्रेक! जब दो या दो से अधिक गाड़ियां एक निश्चित दायरे में होती हैं, तो उनके अंदर लगी V2V चिप या ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) सक्रिय हो जाती है। यदि कोई गाड़ी अचानक ब्रेक लगाती है या किसी अंधे मोड़ (Blind Spot) से आ रही होती है, तो सिस्टम तुरंत दूसरी गाड़ी के ड्राइवर को विजुअल या ऑडियो अलर्ट भेज देता है। इससे ड्राइवर को संभलने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है और हादसों की संभावना काफी कम हो जाती है ।
| विशेषता | विवरण |
| तकनीक का नाम | व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन |
| अनिवार्यता की समयसीमा | दिसंबर 2026 के अंत तक |
| उपयोग किया जाने वाला स्पेक्ट्रम | 30 MHz (समर्पित) |
| अनुमानित अतिरिक्त लागत | ₹5,000 से ₹7,000 प्रति वाहन |
| मुख्य उद्देश्य | सड़क दुर्घटनाओं में कमी और सुरक्षा में सुधार |
V2V तकनीक के प्रमुख लाभ
Now alert before collision! 2026 तक गाड़ियां खुद करेंगी ‘आपस में बात’, हादसों पर लगेगा ब्रेक! इस तकनीक के लागू होने से भारतीय सड़कों पर सुरक्षा का एक नया स्तर देखने को मिलेगा। इसके कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
1. टक्कर से बचाव: यह तकनीक उन स्थितियों में भी काम करती है जहां ड्राइवर की नजर नहीं पहुंच पाती, जैसे कि कोहरे में या अंधे मोड़ों पर ।
2. ट्रैफिक प्रबंधन: गाड़ियां आपस में डेटा साझा कर ट्रैफिक जाम की स्थिति को पहले ही भांप सकेंगी, जिससे यात्रा का समय बचेगा ।
3. आपातकालीन अलर्ट: यदि सड़क पर आगे कोई दुर्घटना हुई है, तो पीछे से आने वाली गाड़ियों को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा, जिससे ‘चेन रिएक्शन’ वाले हादसों को रोका जा सकेगा ।
4. पैदल यात्रियों की सुरक्षा: भविष्य में इसे V2X (Vehicle-to-Everything) में अपग्रेड किया जा सकता है, जिससे पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी ।

लागत और चुनौतियां
Now alert before collision! 2026 तक गाड़ियां खुद करेंगी ‘आपस में बात’, हादसों पर लगेगा ब्रेक! हालांकि यह तकनीक सुरक्षा के लिहाज से बेमिसाल है, लेकिन इससे गाड़ियों की कीमत में ₹5,000 से ₹7,000 तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है 。 इसके अलावा, इस तकनीक को प्रभावी बनाने के लिए एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी वाहन निर्माताओं के बीच एक समान मानकों (Standards) की आवश्यकता होगी ।
निष्कर्ष
Now alert before collision! 2026 तक गाड़ियां खुद करेंगी ‘आपस में बात’, हादसों पर लगेगा ब्रेक! भारत में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। V2V तकनीक का अनिवार्य होना इस दिशा में एक बड़ा और साहसी कदम है। हालांकि इससे गाड़ियों की कीमत थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन मानव जीवन की सुरक्षा के सामने यह लागत नगण्य है। 2026 तक भारतीय सड़कें न केवल स्मार्ट होंगी, बल्कि पहले से कहीं अधिक सुरक्षित भी होंगी।
Please Read Alsi This Article : AI will make shopping easier — जेमिनी में मिलेगा ‘Buy Button’
पल पल की खबर के लिए IBN24 NEWS NETWORK का YOUTUBE चैनल आज ही सब्सक्राइब करें। चैनल लिंक:https://youtube.com/@IBN24NewsNetwork?si=ofbILODmUt20-zC3
Facebook: https://www.facebook.com/ibn24newsnetwork/
Twitter: https://x.com/IBN24Network?t=K1A8JK8CUwcgllMRYQNPOw&s=08
Instagram: https://www.instagram.com/ibn24newsnetwork
