Haryana Land Registry and Mutation Together : हरियाणा सरकार ने राजस्व प्रशासन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पेपरलेस रजिस्ट्री-2.0 प्रणाली का शुभारंभ किया। नई व्यवस्था के तहत अब जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रक्रिया आपस में पूरी तरह जुड़ जाएगी, जिससे नागरिकों को अलग से इंतकाल करवाने के लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
Written by Kajal Panchal • Published on : 23 June 2026
IBN24 News Network : मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार लाखों किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों के लिए राहत लेकर आएगा। नई डिजिटल व्यवस्था से समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़े की संभावनाएं कम होंगी।
लाडवा से शुरू हुई थी पेपरलेस रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली की शुरुआत 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र के लाडवा तहसील से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। इसके सफल परिणामों के बाद 1 नवंबर 2025 से इसे पूरे हरियाणा में लागू कर दिया गया था। अब दूसरे चरण में कई नए फीचर्स और सुधार जोड़े गए हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि रजिस्ट्री पूरी होते ही इंतकाल की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। इससे जमीन खरीदने वाले लोगों को अलग-अलग विभागों और कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
आधार e-KYC होगी अनिवार्य
NRI और कंपनियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
सरकार ने नई प्रणाली को अधिक लचीला और सुविधाजनक बनाया है। अब यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता तो वह एक से अधिक अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त कर सकेगा।
साथ ही रजिस्ट्री की डीड नागरिक स्वयं भी भर सकेंगे। इसके अलावा डीड राइटर, अधिवक्ता या हेल्प डेस्क की सहायता से भी दस्तावेज तैयार किए जा सकेंगे।
जमीन की पूरी जानकारी होगी स्क्रीन पर उपलब्ध
नई डिजिटल प्रणाली के तहत रजिस्ट्री के समय ही संबंधित भूमि की श्रेणी स्वतः दिखाई देगी। इसमें यह स्पष्ट होगा कि जमीन का कौन-सा हिस्सा प्राइम और कौन-सा नॉन-प्राइम श्रेणी में आता है।
इससे सर्कल रेट और स्टांप ड्यूटी निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी तथा नागरिकों को सही जानकारी तुरंत मिल सकेगी।
DTP और NOC प्रक्रिया हुई आसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब नागरिकों को DTP और NOC से संबंधित दस्तावेज अलग से जमा नहीं करने होंगे। संबंधित विभागों का सत्यापन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग स्तर पर किए जाने वाले RC-1 और RC-2 कार्यों को भी एकीकृत कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सरल होगी।
24 घंटे में होगा ऑटो म्यूटेशन
नई व्यवस्था के तहत जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा।
वहीं जिन मामलों में खेवट विभाजन जरूरी होगा, उनका निपटारा अधिकतम 10 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। इससे वर्षों तक लंबित रहने वाले राजस्व मामलों में तेजी आने की उम्मीद है।
4 लाख से अधिक लंबित मामले निपटाए गए
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रदेश में करीब 5 लाख से अधिक इंतकाल मामले लंबित थे। इनमें से लगभग 4 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है।
ऑटो म्यूटेशन प्रणाली को पहले एक महीने तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया गया था। इस दौरान प्राप्त सुझावों और फीडबैक को नई व्यवस्था में शामिल किया गया है।
सरकार के अनुसार प्रारंभिक चरण में ही लगभग 50 हजार इंतकाल स्वतः दर्ज किए जा चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले 15 दिनों के भीतर शेष सभी लंबित इंतकाल मामलों का निपटारा करना है।
नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
पेपरलेस रजिस्ट्री-2.0 के लागू होने से नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे, समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा जमीन संबंधी रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेंगे। सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था हरियाणा को डिजिटल राजस्व प्रशासन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगी।
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