Haryana Districts NCR : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की प्रस्तावित सीमा पुनर्संरचना (रीशेड्यूलिंग) को लेकर चल रही अटकलों के बीच हरियाणा को बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि फिलहाल हरियाणा का मौजूदा NCR क्षेत्र यथावत रहेगा और राज्य के किसी भी जिले को बाहर नहीं किया जाएगा।

Written by Kajal Panchal • Published on : 16 June 2026
IBN24 News Network : बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा का वर्तमान NCR क्षेत्र पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि NCR के दायरे और भविष्य की योजना को लेकर सभी राज्यों से सुझाव और प्रस्ताव मांगे गए हैं। जिन प्रस्तावों को अधिक व्यवहारिक और लाभकारी माना जाएगा, उन्हें लागू करने पर विचार किया जाएगा।
NCR रीजन-2047 विजन प्लान पर बनी समिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में NCR रीजन-2047 विकास योजना पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर भविष्य के NCR विकास मॉडल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके अलावा NCR क्षेत्र में चार नए “नमो सिटी” विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। राज्यों से इस संबंध में सुझाव मांगे गए हैं। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन, पर्यावरण और शहरी विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
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यदि सीमा बदलती तो सबसे ज्यादा प्रभावित होता महेंद्रगढ़
प्रस्तावित बदलावों के तहत यदि NCR सीमा को दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित किया जाता, तो हरियाणा के कई जिलों पर इसका बड़ा असर पड़ता।
सबसे अधिक प्रभाव महेंद्रगढ़ जिले पर पड़ता, क्योंकि जिले का अधिकांश हिस्सा 100 किलोमीटर की सीमा से बाहर आता है। इसके अलावा जींद भी सीमा रेखा पर स्थित होने के कारण बड़े पैमाने पर प्रभावित होता। भिवानी और चरखी दादरी के कुछ हिस्सों को भी NCR से बाहर होने का खतरा था।
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NCR को लेकर बदला पूर्व मुख्यमंत्री खट्टर का रुख
हरियाणा में NCR विस्तार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का रुख समय के साथ बदलता रहा है।
साल 2015 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने करनाल और जींद को NCR में शामिल करवाने को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया था। उस समय NCR प्लानिंग बोर्ड के निर्णय के बाद हरियाणा का लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्र NCR का हिस्सा बन गया था।
हालांकि दिसंबर 2021 में खट्टर ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि दिल्ली से 100 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित जिलों को NCR में रखने का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को सुझाव दिया था कि NCR का दायरा केवल 100 किलोमीटर तक सीमित रखा जाए।
खट्टर का तर्क था कि दूरस्थ जिलों को NCR के पर्यावरणीय और विकास संबंधी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उन्हें उस अनुपात में विकास के लाभ नहीं मिलते।
फिलहाल बरकरार रहेगा हरियाणा का NCR क्षेत्र
मंगलवार की बैठक के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि हरियाणा के लगभग 60 प्रतिशत NCR क्षेत्र को फिलहाल कोई नुकसान नहीं होगा। राज्य के जिले मौजूदा स्थिति में NCR का हिस्सा बने रहेंगे, जबकि भविष्य की सीमा और विकास नीति को लेकर राज्यों के सुझावों और समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा।
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