Haryana’s First Barrier-Free Toll Starts at Bastara : हरियाणा में टोल वसूली की व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने जा रही है। करनाल स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा राज्य का पहला ऐसा टोल बनने वाला है जहां 23 जून से मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के बाद वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने, लंबी कतारों में खड़े रहने या बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वाहन सामान्य गति से टोल क्षेत्र को पार करेंगे और टोल शुल्क स्वतः उनके फास्टैग खाते से कट जाएगा।
Written by Kajal Panchal • Published on : 22 June 2026
IBN24 News Network : नई प्रणाली का उद्देश्य यात्रा को अधिक तेज, सुगम और तकनीक आधारित बनाना है। इससे समय और ईंधन की बचत होगी, ट्रैफिक जाम कम होगा तथा प्रदूषण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि इसके साथ टोल भुगतान, ई-नोटिस, फास्टैग, जुर्माना, स्थानीय पास और रोजगार से जुड़े कई नए नियम भी लागू होंगे।
बसताड़ा टोल पर वर्तमान शुल्क
क्या है MLFF सिस्टम ?
MLFF यानी मल्टी लेन फ्री फ्लो एक आधुनिक बैरियर-रहित टोल कलेक्शन प्रणाली है। इसमें पारंपरिक टोल बूथ और बैरियर की जरूरत नहीं होती। सड़क के ऊपर स्थापित गैंट्री पर लगे कैमरे, सेंसर और डिजिटल उपकरण वाहन की पहचान करते हैं और फास्टैग के माध्यम से टोल शुल्क स्वतः वसूल लेते हैं।
बसताड़ा टोल पर क्या बदलाव होंगे ?
MLFF लागू होने के बाद टोल बूथ और बैरियर की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी। वाहन बिना रुके सीधे टोल जोन से गुजरेंगे और भुगतान स्वचालित रूप से हो जाएगा।
वाहन चालकों को क्या लाभ मिलेगा ?
- टोल पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।
- लंबी कतारों और जाम से राहत मिलेगी।
- यात्रा का समय कम होगा।
- ईंधन की बचत होगी।
- वाहनों के रुकने और चलने की प्रक्रिया कम होने से प्रदूषण भी घटेगा।
टोल राशि कैसे कटेगी ?
जैसे ही वाहन टोल क्षेत्र से गुजरेगा, उसका फास्टैग स्कैन होगा और निर्धारित शुल्क सीधे लिंक्ड खाते से कट जाएगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल और ऑटोमैटिक होगी।
कौन-कौन सी तकनीक करेगी काम ?
नई प्रणाली में कई उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
- एडवांस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे
- RFID रीडर
- LiDAR सेंसर
- एक्सल डिटेक्टर
ये सभी उपकरण वाहन की पहचान, श्रेणी और मूवमेंट की निगरानी करेंगे।
- क्या वाहन की स्पीड कम करनी होगी ?
नहीं। MLFF सिस्टम में वाहन को विशेष रूप से धीमा करने की आवश्यकता नहीं है। परीक्षण के दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को भी सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया।
- फास्टैग नहीं होने पर क्या होगा ?
यदि वाहन में फास्टैग नहीं होगा तो कैमरे नंबर प्लेट के आधार पर वाहन की पहचान करेंगे और वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा।
- फास्टैग में बैलेंस नहीं होने पर क्या होगा ?
ऐसी स्थिति में भी सिस्टम वाहन की पहचान कर ई-नोटिस जारी करेगा। वाहन मालिक को निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान करना होगा।
- ई-नोटिस के बाद कितनी मोहलत मिलेगी ?
ई-नोटिस जारी होने के बाद वाहन मालिक को 72 घंटे के भीतर बकाया राशि जमा करनी होगी।
- समय पर भुगतान नहीं किया तो ?
72 घंटे की निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर टोल शुल्क दोगुना किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
- क्या नकद भुगतान की सुविधा रहेगी ?
नहीं। MLFF प्रणाली में कैश पेमेंट का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। सभी भुगतान डिजिटल माध्यम से ही किए जाएंगे।
- टोल चोरी पर कैसे लगेगी रोक ?
हर गुजरने वाले वाहन की नंबर प्लेट का रिकॉर्ड तैयार होगा। भुगतान नहीं होने की स्थिति में सिस्टम स्वतः ई-नोटिस या चालान जारी करेगा, जिससे टोल चोरी की संभावना काफी कम हो जाएगी।
- नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर क्या कार्रवाई होगी ?
यदि कोई वाहन चालक नंबर प्लेट को बदलने, ढंकने या उसके साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास करता है, तो सिस्टम इसकी पहचान कर संबंधित विभाग को सूचना भेज देगा। इसके बाद आरटीओ के माध्यम से चालान जारी किया जा सकता है।
- लंबे समय तक बकाया रहने पर क्या होगा ?
टोल शुल्क का भुगतान लंबे समय तक नहीं करने पर वाहन का फास्टैग ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इसके अलावा अन्य सरकारी सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
- स्थानीय लोगों को क्या सुविधा मिलेगी ?
टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासियों के लिए 350 रुपये का मासिक पास प्रस्तावित किया गया है।
- लोकल पास में क्या मिलेगा ?
यह पास पूरे कैलेंडर महीने के लिए मान्य होगा और इसमें असीमित यात्रा (Unlimited Trips) की सुविधा उपलब्ध होगी।
- क्या यह सुविधा सभी वाहनों को मिलेगी ?
नहीं। मासिक लोकल पास केवल निजी वाहनों के लिए प्रस्तावित है। व्यावसायिक वाहनों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
किन वाहनों को टोल में छूट मिलेगी ?
- एम्बुलेंस
- फायर ब्रिगेड वाहन
- सरकार द्वारा अधिकृत विशेष वाहन
इन वाहनों को ई-नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।
फास्टैग उपयोग करते समय किन बातों का ध्यान रखें ?
- फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस रखें।
- इसे वाहन के शीशे पर सही स्थान पर लगाएं।
- फास्टैग को ब्लैकलिस्ट होने से बचाएं।
- वाहन की नंबर प्लेट स्पष्ट और मानक नियमों के अनुसार रखें।
कर्मचारियों के रोजगार पर क्या असर पड़ेगा ?
MLFF प्रणाली लागू होने के बाद टोल बूथों पर कर्मचारियों की आवश्यकता काफी कम हो जाएगी। अनुमान है कि एक टोल प्लाजा पर कार्यरत लगभग 200 से 250 कर्मचारियों के रोजगार पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
सिस्टम लागू होने के बाद कौन करेगा काम ?
नई व्यवस्था में मुख्य रूप से:
- सुरक्षा कर्मी
- तकनीकी विशेषज्ञ
- संचालन एवं प्रबंधन स्टाफ
ही टोल प्लाजा के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
देश में तेजी से बढ़ रहा MLFF नेटवर्क
बसताड़ा टोल प्लाजा हरियाणा का पहला MLFF टोल होगा। इससे पहले गुजरात के चौर्यासी टोल प्लाजा, दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल (UER-II) और राजस्थान के दौलतपुरा टोल प्लाजा पर भी इस तकनीक को लागू किया जा चुका है। केंद्र सरकार आने वाले समय में देश के कई अन्य टोल प्लाजाओं पर भी इसी व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रही है।
MLFF प्रणाली के लागू होने के साथ हरियाणा में टोल वसूली का नया डिजिटल युग शुरू होने जा रहा है, जिससे यात्रियों को तेज, पारदर्शी और बाधारहित सफर का अनुभव मिलेगा।
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