GOBAR-DHAN Scheme : देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने ₹23,731 करोड़ की संपूर्ण गोवर्धन (GOBAR-DHAN) योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत आने वाले समय में CNG (Compressed Natural Gas) और घरों तक पाइप के जरिए पहुंचने वाली PNG (Piped Natural Gas) में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) मिलाई जाएगी।

Written by Kajal Panchal • Published on : 7 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : सरकार का लक्ष्य देशभर में 600 से 700 नए बायोगैस प्लांट स्थापित कर CBG उत्पादन बढ़ाना है। संभावना है कि इस योजना की आधिकारिक शुरुआत 10 अगस्त को विश्व जैव-ईंधन दिवस के अवसर पर की जा सकती है।
क्या है GOBAR-DHAN योजना ?
GOBAR-DHAN (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) योजना का उद्देश्य गोबर, कृषि अवशेष, जैविक कचरे और अन्य ऑर्गेनिक वेस्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार करना है। इससे स्वच्छ ईंधन का उत्पादन बढ़ेगा, किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और जैविक कचरे का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
क्यों जरूरी है यह योजना ?
देश में CNG और PNG की खपत लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में हर दिन करीब 34 से 35 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (MMSCMD) गैस की मांग है। अनुमान है कि CBG ब्लेंडिंग लागू होने के बाद सालाना 2.6 से 3 लाख टन कंप्रेस्ड बायोगैस की जरूरत होगी।
इसी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
SATAT योजना से क्यों नहीं मिला अपेक्षित परिणाम ?
सरकार ने वर्ष 2018 में SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) योजना शुरू की थी, जिसके तहत 5,000 CBG प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि अब तक केवल 219 प्लांट ही शुरू हो पाए हैं।

नई GOBAR-DHAN योजना के तहत निवेशकों को बेहतर खरीद मूल्य, अधिक पूंजीगत सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिससे अगले एक वर्ष में 600 से 700 नए प्लांट स्थापित होने की उम्मीद है।
CNG और PNG में कैसे मिलेगी बायोगैस ?
सरकार ने CBG ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को अपनी CNG और PNG सप्लाई में निर्धारित मात्रा में कंप्रेस्ड बायोगैस मिलानी होगी।

इस कदम से प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश में तैयार होने वाले स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा।
आम लोगों को क्या फायदा होगा ?
इस योजना से कई स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
- स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ईंधन का उपयोग बढ़ेगा।
- किसानों को गोबर और जैविक कचरे से अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- बायोगैस उद्योग में निवेश बढ़ेगा।
- लंबे समय में ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार जल्द ही योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। इसके बाद नए बायोगैस प्लांट लगाने, सब्सिडी देने और CBG उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में CNG और PNG नेटवर्क में बायोगैस की हिस्सेदारी लगातार बढ़ती दिखाई दे सकती है।
₹23,731 करोड़ की GOBAR-DHAN योजना भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, जैविक कचरे के बेहतर उपयोग और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी देश को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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