NEET Paper Leak Arrest : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI को बड़ी सफलता मिली है. जांच एजेंसी ने पुणे से पी.वी. कुलकर्णी नाम के उस शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसे अब तक की जांच में पेपर लीक नेटवर्क का सबसे अहम चेहरा माना जा रहा है. हैरानी की बात यह है कि कुलकर्णी खुद NTA की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था और केमिस्ट्री लेक्चरर के तौर पर काम कर रहा था.

- CBI जांच में खुलासा हुआ कि NTA से जुड़े केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी ने छात्रों को परीक्षा से पहले सवाल और जवाब याद करवाए थे
- छात्रों की नोटबुक में लिखे सवाल असली NEET-UG 2026 पेपर से मैच होने के बाद एजेंसी ने पुणे से मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया
Written by Kajal Panchal • Published on : 16 May 2026
IBN24 News Network : CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी को परीक्षा के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी और उसने इसी का फायदा उठाकर कुछ छात्रों को पहले ही सवाल और उनके जवाब उपलब्ध करवा दिए. इस साल आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे, ऐसे में इस खुलासे ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है.
पुणे में चलती थीं “स्पेशल क्लासेस”
जांच एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2026 के आखिरी सप्ताह में पी.वी. कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे की मदद से कुछ छात्रों को इकट्ठा किया. मनीषा को CBI पहले ही 14 मई को गिरफ्तार कर चुकी है.
आरोप है कि पुणे स्थित कुलकर्णी के घर पर छात्रों के लिए गुप्त “स्पेशल क्लासेस” आयोजित की जाती थीं. इन सेशन्स में छात्रों को परीक्षा में आने वाले संभावित सवाल, उनके विकल्प और सही उत्तर बोल-बोलकर लिखवाए जाते थे. छात्र इन सवालों को अपनी नोटबुक में हाथ से नोट करते थे ताकि किसी डिजिटल सबूत का खतरा न रहे.
- नोटबुक के सवालों ने खोली पूरी पोल
CBI को इस केस में सबसे बड़ा सबूत तब मिला, जब छात्रों की नोटबुक में लिखे गए सवालों का मिलान 3 मई 2026 को हुई असली NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र से किया गया. जांच में पाया गया कि कई सवाल हूबहू वही थे जो परीक्षा में पूछे गए थे.
एजेंसी का कहना है कि यह इस बात का मजबूत प्रमाण है कि पेपर लीक सीधे परीक्षा प्रक्रिया के अंदर से हुआ था और इसमें परीक्षा से जुड़े लोग शामिल थे.
- अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
CBI इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. गिरफ्तारियां जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहमदनगर समेत कई शहरों से हुई हैं. इनमें से पांच आरोपियों को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है.

जांच में यह भी सामने आया है कि इन “स्पेशल क्लासेस” में शामिल होने के बदले छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये वसूले गए थे. एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी.
लातूर कनेक्शन की भी जांच
पी.वी. कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला बताया जा रहा है. CBI को शक है कि यह रैकेट सिर्फ पुणे तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों और कोचिंग नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं.
फिलहाल एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक में और कितने लोग शामिल थे. इस मामले ने एक बार फिर देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Please also read this article : Gold Price Today: गिरावट के बाद संभला बाजार, जानिए देशभर में कहां पर कितना है सोने का भाव
Instagram: https://www.instagram.com/ibn24newsnetwork
पल पल की खबर के लिए IBN24 NEWS NETWORK का YOUTUBE चैनल आज ही सब्सक्राइब करें। चैनल लिंक:https://youtube.com/@IBN24NewsNetwork?si=ofbILODmUt20-zC3
शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
Facebook: https://www.facebook.com/ibn24newsnetwork/