NEET 2026 Paper Deal : NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मेडिकल सीट दिलाने के नाम पर करोड़ों का संगठित रैकेट खड़ा किया गया और यह 800 छात्रों तक पहुंचा, जिसमे अब तक हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र तक कनेक्शन भी सामने आ चुके हैं। अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है और दोबारा परीक्षा कराने की मांग तेज हो गई है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 13 May 2026
IBN24 News Network : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब सिर्फ पेपर लीक का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसे संगठित नेटवर्क की कहानी बनता जा रहा है जिसने लाखों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया। जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि परीक्षा से कई घंटे पहले ही सवालों की PDF अलग-अलग राज्यों में घूम रही थी और इसे लाखों रुपये लेकर छात्रों तक पहुंचाया गया।

सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक का नेटवर्क हरियाणा से शुरू होकर राजस्थान के कोचिंग हब सीकर और जयपुर तक पहुंचा। यहां कथित तौर पर ‘गेस पेपर’ के नाम पर छात्रों को ऐसे प्रश्न दिए गए, जिनमें असली पेपर के कई सवाल शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि इस गेस पेपर में 400 से ज्यादा प्रश्न थे, जिनके भीतर बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए।
10 लाख से 30 लाख तक में बिके सवाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस रैकेट से जुड़े लोगों ने छात्रों और अभिभावकों से 10 से 15 लाख रुपये तक वसूले। वहीं कुछ मामलों में रकम 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच गई। एक ही पेपर कई छात्रों को बेचकर गिरोह ने करोड़ों रुपये का अवैध नेटवर्क तैयार कर लिया। एजेंसियों का दावा है कि पैसों के लेनदेन और संपर्कों से जुड़े कई डिजिटल सबूत उनके हाथ लगे हैं।
परीक्षा से पहले ही वायरल हो गया था पेपर

जांच में यह बात भी सामने आई है कि 2 मई की रात से ही पेपर PDF फॉर्मेट में शेयर किया जा रहा था। 3 मई को परीक्षा होने के बाद जब छात्रों और शिक्षकों ने सवालों का मिलान किया, तो बड़ी संख्या में प्रश्न हूबहू मैच हो गए। इसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
बताया जा रहा है कि सीकर के एक पीजी संचालक को यह ‘गेस पेपर’ संदिग्ध लगा। उन्होंने कुछ शिक्षकों से सवालों की जांच करवाई, जहां कई प्रश्न वास्तविक पेपर से मेल खाते मिले। इसके बाद मामला NTA और जांच एजेंसियों तक पहुंचा, जिसके बाद बड़े नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं।
महाराष्ट्र कनेक्शन ने बढ़ाई जांच एजेंसियों की चिंता
अब इस केस में महाराष्ट्र कनेक्शन भी गहराता जा रहा है। जांच एजेंसियों को नासिक, पुणे और लातूर से जुड़े इनपुट मिले हैं। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला कि उसका आखिरी लोकेशन पुणे में था और पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद वह वहां से फरार होकर अहिल्यानगर पहुंच गया था।
विशेष जांच टीम ने ट्रैकिंग और निगरानी के जरिए उसे हिरासत में लिया। फिलहाल उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि उससे पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। महाराष्ट्र में अब तक इस मामले में दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
150 संदिग्धों पर नजर, CBI ने संभाली कमान
पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा कई राज्यों तक बढ़ा दिया गया है। करीब 150 लोगों को संदिग्ध माना जा रहा है, जबकि लगभग 20 मुख्य आरोपियों पर एजेंसियां फोकस कर रही हैं। CBI ने जांच अपने हाथ में लेकर कई राज्यों में पूछताछ तेज कर दी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर सबसे पहले कहां से लीक हुआ, किस स्तर पर इसे आगे बढ़ाया गया और किन-किन लोगों ने आर्थिक लाभ उठाया। डिजिटल डिवाइस, चैट रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है।
23 लाख छात्रों के भविष्य पर असर

NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें इस साल करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया। पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं के बीच छात्रों और अभिभावकों में भारी तनाव का माहौल है। कई छात्र महीनों की मेहनत और मानसिक दबाव के बीच अब दोबारा परीक्षा की आशंका से परेशान हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सिर्फ परीक्षा प्रणाली पर सवाल नहीं उठातीं, बल्कि मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा भी तोड़ती हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

पेपर लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने याचिका दाखिल कर NEET-UG 2026 परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को कोर्ट की निगरानी में कराने की अपील भी की गई है।
याचिका में कहा गया है कि पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और मौजूदा परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि परीक्षा संचालन के लिए अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत व्यवस्था तैयार की जाए।
अब पूरे देश की नजर जांच एजेंसियों और सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी है। लगातार हो रही गिरफ्तारियां और नए खुलासे संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह मामला और भी बड़े चेहरों तक पहुंच सकता है।
Please also read this article : Gold Price Today: गिरावट के बाद संभला बाजार, जानिए देशभर में कहां पर कितना है सोने का भाव
Instagram: https://www.instagram.com/ibn24newsnetwork
पल पल की खबर के लिए IBN24 NEWS NETWORK का YOUTUBE चैनल आज ही सब्सक्राइब करें। चैनल लिंक:https://youtube.com/@IBN24NewsNetwork?si=ofbILODmUt20-zC3
शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
Facebook: https://www.facebook.com/ibn24newsnetwork/