गिर जाएगी हरियाणा की खट्टर सरकार? डिप्टी सीएम ने दिया ये बड़ा बयान

नई दिल्ली।  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। गृहमंत्री से मुलाकात के बाद हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा की सरकार पर चल रहे संकट के तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। इस बैठक में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि हरियाणा में किसान आंदोलन को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हुई हैं। कांग्रेस सरकार के खिलाफ बार-बार विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग कर रही है।

लंबे खिंचते किसान आंदोलन के बीच जजपा विधायक दल ने ताजा हालात पर मंथन किया। नई दिल्ली में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के आवास पर हुई बैठक में अधिकांश जजपा विधायकों ने नए कृषि कानून सिरे से नकार दिए। नारनौंद से विधायक रामकुमार गौतम तो बैठक में ही नहीं पहुंचे।  जजपा के कुछ विधायक बैठक में मुखर रहे। उन्होंने सीधे कहा कि नए कानूनों से गठबंधन सरकार को नुकसान हो रहा है।

इन्हें केंद्र सरकार आंख बंद कर निरस्त कर दे। किसान आंदोलन से राजनीतिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान नए कानूनों पर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। उनके गुस्से को सीएम व मंत्रियों के कार्यक्रम में साफ देखा जा चुका है। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम स्थल के पास बने हेलीपैड को भी वे उखाड़ चुके हैं। सरकार वर्तमान में उपजे हालात को समझे और आंदोलन को जल्द खत्म कराए।

उन्होंने दुष्यंत से कहा कि वे उनकी भावनाओं से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत करा दें। दुष्यंत ने विधायकों की बातों को गौर से सुना। उन्होंने कहा कि जजपा किसानों की पार्टी है। वह भी जल्द आंदोलन को खत्म कराने के पक्षधर हैं। विधायक दल की भावनाओं से सीएम मनोहर लाल व भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को भी अवगत कराएंगे। बैठक में जजपा के शीर्ष नेता भी शामिल रहे। उन्होंने भी अपनी बात रखी। जेजेपी विधायकों के एक गुट ने कहा कि केंद्र सरकार को तीन कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए अन्यथा हरियाणा में सत्तारूढ़ बीजेपी और जेजेपी गठबंधन को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

जेजेपी विधायक जोगी राम सिहाग ने कहा कि केंद्र को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए, क्योंकि हरियाणा, पंजाब और देश के किसान इन कानूनों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि हम दुष्यंत जी से आग्रह करेंगे कि हमारी भावनाओं से अमित शाह जी को अवगत करा दें। अमित शाह से मुलाकात से पहले चौटाला ने अपनी पार्टी के सभी विधायकों के साथ बैठक की। हरियाणा में किसान आंदोलन के राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए चौटाला ने यह बैठक बुलाई थी। इसका मकसद था कि अपने विधायकों को गठबंधन में एकजुट बनाए रख सकें।

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