हरियाणा में KMP के बराबर डबल लाइन पर दौड़ेंगी ट्रेनें, पंचग्राम योजना को लगेंगे पंख

चंडीगढ़ । केंद्र सरकार ने हरियाणा की अति महत्वाकांक्षी आर्बिटल रेल कारिडोर परियोजना को मंजूरी प्रदान कर रही है। इसके तहत पलवल से सोनीपत के बीच वाया सोहना-मानेसर-खरखौदा तक डबल रेल लाइन बनाई जाएगी। यह डबल रेल ट्रैक केएमपी (कुंडली-मानेसर- पलवल) एक्‍सप्रेस वे के बराबर बिछाई जाएगी। पिछले साल जुलाई में हरियाणा मंत्रिमंडल ने इस आर्बिटल रेल कारिडर परियोजना को अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। इस रेल परियोजना पर पिछले दस साल से काम चल रहा है, लेकिन अब जाकर इसके शुरू होने की संभावना बनी है।

आर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना को केंद्र सरकार ने प्रदान की मंजूरी

हरियाणा सरकार कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे के किनारे पंचग्राम (पांच शहर) बसाना चाहती है। रेल कारिडोर इस कड़ी में पहला कदम होगा। यानी केएमपी के साथ-साथ डबल रेल लाइन पर रेल दौड़ेंगी। 121.7 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना पर 5617 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसके पांच साल में पूरा होने का अनुमान है।

पलवल से सोनीपत के बीच वाया सोहना-मानेसर-खरखौदा तक डबल रेल लाइन

हरियाणा सरकार और रेलवे मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने हरियाणा आर्बिटल रेल कारिडोर परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी प्रदान करने के बाद स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया। यह रेल परियोजना पलवल से सोनीपत के बीच केएमपी के साथ-साथ बनेगी।

दक्षिण हरियाणा के लोगों को चंडीगढ़ आने के लिए नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली

पलवल से सोनीपत तक बनने वाले रेल कारिडोर मार्ग पर कुल 17 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 14 रेल स्टेशन नए होंगे। इस रेलवे लाइन के बनने से गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, , मानेसर और फरुखनगर के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी भी मिल सकेगी, जिसमें इन शहरों के लोगों को दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह रेल लाइन पृथला में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क को भी कनेक्टिविटी देगी।

पलवल से सोनीपत के बीच रेल कारिडोर में होंगे 17 स्टेशन, 5617 करोड़ होंगे खर्च

इस रेल कॉरिडोर में न्यू पलवल, सिलानी, सोहना, धूलावतट, चंदला डूंगरवास, मानेसर, नया पाटली, बाढसा, देवरखाना, बादली, मंडोथी, जसौर खेड़ी, खरखौदा और तारकपुर में स्टेशन बनाए जाएंगे। सोनीपत के हरसाना कलां में यह ट्रैक दिल्ली-अंबाला लाइन से जुड़ेगा। इसका फायदा यह होगा कि दक्षिणी हरियाणा के लोगों को चंडीगढ़ जाने के लिए दिल्ली में दाखिल नहीं होना पड़ेगा।

‘नए औद्योगिक युग का होगा आगाज’

”यह रेल लाइन एनसीआर में नए औद्योगिक युग का आगाज़ करेगी। हर रोज 20 हजार लोग इस रेल लाइन पर सफर करेंगे। हर साल पांच करोड़ टन सामान की ढुलाई होने का अनुमान है। इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री का आभार।

‘उद्योगों व रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे’

‘पलवल से सोनीपत के बीच नई रेल लाइन बिछाने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं। पलवल, सोहना, मानेसर सोनीपत रेल मार्ग का निर्माण होगा, जो कि केएमपी के साथ-साथ रहेगा। नई रेल लाइन के निर्माण से उद्योगों की स्थापना में तेजी आएगी। रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। व्यापारियों को व उद्योगों को सामान ढोने के लिए भी सुगम मार्ग मिल सकेगा।

‘सोनीपत व चंडीगढ़ जाने वालों को होगा फायदा’

”इस योजना को लेकर हरियाणा सरकार व केंद्र सरकार लगातार संपर्क में थे। इस योजना के पूरी होने के बाद पलवल से सोनीपत जाने के लिए लोगों को सुगम सफर की सौगात मिलेगी। इससे रोजगार के लिए सोनीपत व चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को खासा फायदा मिलेगा। प्रदेश के लोगों को केंद्रीय योजनाओं व प्रदेश सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है।

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