पत्नी ने बॉस के नाम पर रख डाला बच्चे का नाम, तो कुछ ऐसा था पति का रिएक्शन…

दुनिया में किसी भी कपल के लिए पहली बार माता पिता बनना सबसे बेहतरीन अहसास होता है। वो बच्चे के लिए नए नए नाम सोचते हैं। लेकिन एक शख्स के पिता होने की खुशी तब काफूर हो गई जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी ने बच्चे का नाम अपने बॉस के नाम पर रख दिया है। इस स्थिति की कल्पना कर रहे हैं तो जरा रुकिए पहले पूरी खबर पढ़ लीजिए।

मामला हिंदुस्तान की नहीं है क्योंकि यहां का होता तो सबसे पहले मार पिटाई हो जाती और उसके बाद तलाक होता। मामला ब्रिटेन का है और इसका खुलासा रीडिट पोस्ट के जरिए हुआ है। मिरर यूके पर छपी स्टोरी के अनुसार रीडिट पर एक नई मां ने सवाल किया कि उसने अपने नवजात बच्चे का नाम अपने बॉस के नाम पर रखा है औऱ उसका पति उससे गुस्सा हो गया है। अब उसे क्या करना चाहिए। ये हास्यापद लेकिन वैवाहिक जीवन के लिए एक पेचीदा मामला था जिस पर रीडिट यूजर के जवाब पति के समर्थन में आने शुरू हो गए।

महिला का कहना है कि जब वो प्रेग्नेंट थी तो कंपनी में काम कर रही थी और उसका पति उससे काफी दूर काम कर रहा था। ऐसे में अकेले होने पर उसके बॉस ने उसका बहुत ध्यान रखा और उसे सहयोग किया। यहां तक कि कंसलटिंग फर्म में मैनेजर होने के नाते उसे काफी यात्रा करनी पड़ती थी। तब भी बॉस ने मुझे सहयोग किया।

प्रेग्नेंसी के आखिरी दिनों में जब मैं एक क्लाइट साइट पर काम कर रही थी और होटल में ठहरी थी तब मैंने पति से पूछा कि क्या हम बॉस का नाम बच्चे के लिए यूज कर सकते हैं क्योंकि यह इटेलियन और यूनीक भी है। तब फोन पर ही पति ने कहा था – बिलकुल नहीं।

महिला ने कहा कि जब मैं प्रेग्नेंट हुई तब पता चल चुका था कि बेटा होगा और हम पति पत्नी बच्चे के पहले नाम को तय कर चुके थे। अब बात आती है मिडिल नाम की। चूंकि मेरे पति का जो मिडिल नाम है, वही नाम उनके पिता और मेरे पिता का भी है। ऐसे में मुझे वही नाम अपने बेटे के मिडिल नाम में रखने में बुरा लग रहा था कि सब कुछ एक जैसा हो जाएगा।

जब मैं लेबर पेन के लिए अस्पताल में दाखिल हुई तो मेरे पति प्लेन में थे, ऐसे में मेरे साथ कोई नहीं था जो मेरी मदद कर सके। तब मेरे बॉस ने मेरा ख्याल रखा और मुझे सही समय पर अस्पताल पहुंचाया। मेरा ह्रदय उनके लिए कृतज्ञ हो गया क्योंकि वो एक अभिभावक की तरह मेरा ख्याल रख रहे थे। मेरे बॉस तब तक अस्पताल में रहे जब तक मेरे बच्चे का जन्म नहीं हो गया।

तब मेरे दिल में ख्याल आया कि जिस शख्स की मदद से मैं इस हाल में अच्छा महसूस कर रही हू्ं, उसे थैंक्यू कहने के लिए ये सबसे अच्छा तरीका है कि मैं अपने बच्चे का मिडिल नाम उनके नाम पर रखूं।

मैंने इस संबंध में उनसे पूछा तो वो बहुत खुश हो गए। उन्होंने खुशी खुशी सहमति दे दी और मैंने बच्चे का मिडिल नाम उनके नाम पर रख दिया।

मेरे बॉस ही थे जिन्होंने सबसे पहले मेरे बेटे का चेहरा देखा, उसकी तस्वीरें खींची। वो एक पिता के तौर पर मेरे लिए बहुत खुश थे। ऐसे में जब मेरे पास बच्चे का नाम रखने के लिए कागजात आए तो मैंने फर्स्ट नेम में पति का नाम और मिडिल नेम में बॉस का नाम रख दिया।

अब समस्या सुनिए, पत्नी का ये फैसला पति को बिलकुल पसंद नहीं आया है। हालांकि ये अच्छी नीयत से किया गया फैसला है लेकिन हर पति की तरह इनको इससे परेशानी है। पति ही नहीं रीडिट के यूजर भी पति का पक्ष ले रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा है, आपका फैसला चाहे ठीक हो लेकिन पति को गुस्सा करने का हक है।

एक यूजर लिखता है – पहले तो आपके पति ने बच्चे के जन्म को मिस किया, दूसरा दुख उसे तब हुआ जब उसके ना चाहने पर भी बच्चे के नाम में अनचाहा शख्स जुड़ गया।

एक यूजर ने लिखा है – आपके लिए बच्चे का मिडिल नेम मायने नहीं रखता, लेकिन आपके पति के लिए ये काफी इमोशनल बात है

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