पति की अर्थी पर चूड़ियां तोड़ रही पत्नी को लगा ऐसा सदमा कि एक साथ निकली दो अर्थियां

ग्वालियर: कहते हैं कि पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का होता है, इसलिए वे एक दूसरे के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। कुछ ऐसा ही कारोबारी कमल किशोर गर्ग नामक बुजुर्ग के साथ भी हुआ है। तीन दिन पहले एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए कमल किशोर गर्ग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। उन्हें एक स्थानीय नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। लेकिन गुरुवार सुबह उनका निधन हो गया।

लगभग 75 साल के कमल किशोर गर्ग के गांधीनगर स्थित घर पर जब उनकी अर्थी सजा ली गई और अंतिम यात्रा की तैयारी शुरू हो गई। उसी समय पत्नी अंगूरी देवी को अपने पति की अर्थी पर चूड़ियां फोड़ने और पार्थिव देह की परिक्रमा के लिए लाया गया। परिक्रमा के दौरान ही वृद्धा अंगूरी देवी को ऐसा सदमा लगा कि उनकी वहीं मौत हो गई। यह देख आसपास के लोग भी

सकते में आ गए। वृद्धा को पास के एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। जहां अंगूरी देवी को मृत घोषित कर दिया गया। ऐसे में अंगूरी देवी की पार्थिव देह को सीधा घर लाया गया और पति की अर्थी सजने के बाद उनकी भी अर्थी सजाई गई। पहले पति और फिर उसके पीछे पत्नी की शव यात्रा निकाली गई। लक्ष्मी गंज स्थित श्मशान घाट पर दोनों पति-पत्नी का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।


दाल बाजार व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल बंसल बताते हैं कि गर्ग करीब छह दशक से दाल बाजार में श्योपुर के कारोबारियों के लिए किराना सामान की दलाली करते थे। उनकी पत्नी अंगूरी देवी करवा चौथ पर बुधवार को बेहद उदास थीं। क्योंकि उनके पति नर्सिंग होम में इलाजरत थे। पति पत्नी की मौत के बाद गांधीनगर और दाल बाजार में गुरुवार को दिन भर लोग पति पत्नी के असीम प्रेम की चर्चा करते रहे।

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