आने वाले समय मे बीजेपी व जेजेपी को कोई नहीं देगा शादी का कार्ड….

रोहतक। रोहतक के महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे पर सर्व खाप किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सर्वखाप पंचायत महम के अध्यक्ष तुलसी ग्रेवाल ने इसका आयोजन किया। सर्वखाप युवा पंचायत के प्रधान सतीश राठी इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की ।

सर्वखाप किसान सम्मेलन में करीब 5 हजार लोग मौजूद थे। पूर्व विधायक और इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला भी महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे पर आयोजित सर्वखाप किसान सम्मेलन के मंच पर मौजूद रहे ।

मंच पर पहुंचने पर आयोजकों की तरफ से अभय सिंह चौटाला को किसान रत्न देकर सम्मानित किया गया है। मंच पर अभी तक कोई भी बड़ा किसान नेता शामिल नहीं हुआ है। किसान नेताओं ने इस सम्मेलन से दूरी बनाए रखी।

रोहतक जिले के महम में पहुंचे इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला बोले कि जिस तरह के हालात जेजेपी और भाजपा के किसान आंदोलन को लेकर हैं, उससे तो ऐसा लग रहा है कि भविष्य में लोग इन्हें शादियों के कार्ड भी नहीं देंगे। वही अभय सिंह चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भारतीय जनता पार्टी का एजेंट करार देते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव की के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा विधानसभा में टिक ही नहीं पाएंगे।

 क्योंकि भाजपा उनको एक फाइल का कोना दिखा कर डरा देती है। महम में सर्व खाप किसान सम्मेलन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अभय सिंह चौटाला शिरकत करने पहुंचे थे।

तीन कृषि कानून के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे हैं और उनके समर्थन में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने ऐलनाबाद विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद जगह-जगह उनको सम्मानित किया जा रहा है। महम में भी सर्व खाप किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। जहां पर अभय सिंह चौटाला को हल देकर सम्मानित किया गया। जिसके बाद अभय सिंह चौटाला ने उनके इस्तीफे पर सवाल उठाने वाले नेताओं को कहा कि अगर यह लोग भी इस्तीफा देकर किसानों के समर्थन में आएंगे तो अभय सिंह चौटाला सबसे पहले माला लेकर उनका स्वागत करेगा।

वही अभय सिंह चौटाला ने कहा कि किसान आंदोलन के चलते जेजेपी और भाजपा के नेताओं के तो हालात ऐसे हो गए हैं कि अब शायद उन्हें कोई शादी के कार्ड भी नहीं देगा। यही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तो भाजपा के एजेंट बने हुए हैं और भाजपा भी उनको एक फाइल का कोना दिखाकर डराए रखती है।

 जहां तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात है तो अविश्वास प्रस्ताव के लिए 18 विधायक चाहिए और उन्हें ऐसा लगता है कि अपने ही अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा की विधानसभा में टिक ही नहीं पाएंगे।

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसान आंदोलन को लेकर दिए गए वक्तव्य पर अभय सिंह चौटाला बोले कि भाजपा पार्टी ने कभी भी देश हित में कोई आंदोलन नहीं किया है और यह केवल दंगे कराने में विश्वास रखते हैं। देश की जनता अच्छे कानूनों को तो मान्य कर सकती हैं लेकिन तीन कृषि कानून किसान के हित में नहीं है। यह तीनों कानून सरकार को वापस लेने पड़ेंगे।

बता दें किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी रोहतक में ही मकड़ौली टोल प्लाज़ा पर जारी किसानों के धरने पर पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों को संबोधित किया। लेकिन महम चौबीसी के चबूतरे पर जारी किसान सम्मेलन में नहीं पहुंचे। महम के पांच खापों के 4 से 5 प्रधान हैं, जिन्होंने इस सम्मेलन से दूरी बनाए रखी। उनका कहना है कि यह राजनीतिक कार्यक्रम है। यह किसान सम्मेलन बिल्कुल नहीं है।

बड़े किसान नेताओं ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उनका मानना है कि यह किसान सम्मेलन के बजाय राजनीतिक कार्यक्रम ज्यादा है। अभय सिंह चौटाला को सम्मानित करने की सूचना पर ही गुरनाम सिंह चढ़ूनी व राकेश टिकैत पहले ही कार्यक्रम में आने से इनकार कर चुके थे। बड़ी बात यह गुरनाम सिंह चढ़ूनी रोहतक में ही मकड़ौली टोल प्लाजा पर जारी किसानों के धरने पर पहुंचे। लेकिन, चढ़ूनी सर्वखाप किसान सम्मेलन में नहीं पहुंचे। चरखी दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान को भी बुलाया गया था। वह भी नहीं पहुंचे ।

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