किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

कैथल: मौसम की करवट के बाद हुई बरसात ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया| खुले आसमान के नीचे खेतों और मंडियों पर पड़ी गेहूं की फसल प्रभावित हो गई| मंडियों में गेहूं की बोरियों के नीचे पानी घुसने से बोरियां भीग गई| सरकार ने अबकी बार लॉकडाउन की वजह से किसानों की हर समस्या को हल करने की बात कही थी लेकिन बारिश से कैथल की अनाज मंडी में पानी भर गया जिससे किसानों और आढतियों का गेहूं भीग गया| मंडी में ना तो पानी की निकासी का कोई प्रबंध है और ना ही गेहूं ढकने के उचित प्रबंध|

मंडी के आढतियों का कहना है की सरकार व जिला प्रशासन का दावा था कि 24 घंटों में माल का उठान किया जाएगा| परंतु कई दिनों से मंडियों में कोई उठान नहीं हुआ| मंडियों में ना ही कोई शेड है और ना ही कोई तिरपाल की व्यवस्था| मंडी में बरसात की पानी की निकासी का भी कोई प्रबंध नहीं है|

किसानों ने कही ये बात

किसानों और आढ़तियों ने कहा कि खरीद और उठान धीमा होने के कारण ऐसी दिक्कत आई है| जिला प्रशासन की ओर से मंडी में से पानी निकासी के भी कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं| बरसात में गेहूं भीगने के बाद नमी की मात्रा बढ़ने से रविवार को खरीद का कार्य भी नहीं हो पाया| खेतों में भी फसल कटाई और तुड़ी निकालने का कार्य रूक गया है|

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