शराब की तस्करी के लिए अपनाया अनोखा तरीका, चूहे के बिल में ही….

भारत में शराब की तस्करी का धंधा हर रोज फलता फूलता जा रहा है. यही वजह है कि तस्कर आए दिन कोई न कोई ऐसा तरीका ढूंढ ही लेते हैं जिसके जरिए उनका कारोबार चलता रहे. इन दिनों बिहार से एक ऐसी खबर सुनने में आ रही है जिसे सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे. दरअसल यहां शराब का अवैध धंधा करने के लिए तस्कर ने ऐसा दिमाग लगाया कि हर कोई हैरान रह गया.

बिहार में शराब की तस्करी और उसके स्टोरेज का एक ऐसा ही नया मामला सामने आया है. गोपालगंज (Gopalganj) में शराब तस्करों ने चूहे के बिल का इस्‍तेमाल कर उसके अंदर शराब का गोदाम बना रखा था. कार्रवाई के दौरान चूहे के बिल की शक्ल वाले गोदाम से सैकड़ों बोतल शराब बरामद की गई. तस्कर ने इसे बेचने के लिए छिपा कर रखा था.

गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार के मुताबिक ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि मांझागढ़ गढ़ के शेख टोली गांव में शराब तस्कर ने भारी मात्रा में शराब छुपा कर रखी हुई हैं. इसी सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने शेख टोली के रहने वाले मनोज कुमार के घर पर छापामारी की. लेकिन छापामारी में तस्कर के घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ.

जब उत्पाद विभाग की टीम ने बड़े ध्यान से तलाशी ली तो वहां पर चूहे का एक बिल दिखाई दिया. इस बिल को जब बड़ा किया गया तो उसको देखकर उत्पाद विभाग की टीम की आंखें फटी रह गईं. चूहे के बिल में कई बोतल विदेशी शराब छुपा कर रखी गई थी. इस मामले में घर के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

बिहार में शराबबंदी के बावजूद वहां के लोग महाराष्ट्र से भी ज्यादा शराब गटक जाते हैं. हाल ही में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) द्वारा किए गए एक अध्ययन में ये खुलासा हुआ है. कुछ आंकड़ों के मुताबिक शराबबंदी के बावजूद बिहार में 15.5 फीसदी लोग शराब पीते हैं जबकि महाराष्ट्र में पीने वालों का आंकड़ा 13 फीसदी है.

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