नीरज बवाना गैंग के दो शूटर हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार, हरियाणा के इन दो जिलों के हैं दोनों बदमाश

रोहतक। दिल्ली के गैंगस्टर नीरज बवाना गिरोह के दो बदमाशों को बहादुरगढ़ में गिरफ्तार किया गया है। उनसे भारी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार इन दोनों ने झज्जर जिले में हुई चार हत्याएं की हैं। इनके खिलाफ दिल्ली व हरियाणा में काफी संख्या में संगीन मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान रोहतक के बालंद के 20 वर्षीय मनजीत उर्फ चीता व सोनीपत के मुंडलाना के दीपक उर्फ सोनू उर्फ दादा के रूप में हुई। पकड़े गए शार्प शूटरों से 11 हथियार और 212 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए हथियारों में पांच ऑटोमेटिक पिस्टल और कार्बाइन जैसे हाईटेक हथियार शामिल है।

झज्जर के एसपी राजेश दुग्गल ने बताया कि बहादुरगढ़ सीआईए-टू पुलिस की टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है और वारदातों में इस्तेमाल की जाने वाली स्कॉर्पियो गाड़ी भी दोनों के कब्जे से बरामद की गई है। आरोपी मनजीत उर्फ चीता रोहतक जिले के बालन्द गांव का रहने वाला है। वहीं दीपक उर्फ दादा मूल रूप से सोनीपत के मुंडलाना गांव का रहने वाला है। यह फिलहाल रोहतक की न्यू जनता कॉलोनी में रह रहा था। पुलिस ने इन्हें बहादुरगढ़ के सराय औरंगाबाद गांव के पास से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के समय इनके कब्जे से दो अवैध हथियार बरामद किए गए थे। बाद में इनसे पूछताछ की गई तो रोहतक की न्यू जनता कॉलोनी स्थिति दीपक के घर से बाकी के हथियार व जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट जैसे संगीन मामले पहले भी दर्ज हैं।

एसपी राजेश दुग्गल ने बताया कि दोनों आरोपी नीरज बवाना गैंग से संबंध रखते हैं और जेल में बंद नवीन उर्फ बाली के कहने पर वारदातों को अंजाम देते थे। ये शार्प शूटर नवीन उर्फ बाली के कहने पर अशोक प्रधान गैंग के लोगों की हत्या करवा चुके हैं और केस के चश्मदीद गवाहों को भी मौत के घाट उतार चुके हैं। इतना ही नहीं ये दोनों शार्प शूटर कम उम्र के नौजवानों को भी गैंग में शामिल कर अपराध की दुनिया में धकेलने का काम कर रहे थे। ये वारदातों के लिए हथियार भी मुहैया करवाते और वारदात के बाद वापस भी ले लेते। फिलहाल पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।

आरोपित मंजीत उर्फ चिता व उसके साथियों द्वारा दिनांक नौ जनवरी 2021 को झज्जर के बेरी में विजय पुत्र राधे की 14 गोलियां मारकर हत्या की गई।  मंजीत उर्फ चित्ता, दीपक उर्फ सोनु उर्फ दादा व उसके साथियों द्वारा दिनांक 22 अप्रैल 2021 की रात बादली क्षेत्र के गुभाना से बाकरगढ़ रोड पर विनोद पुत्र बलबीर निवासी गोयला की सात गोलियां मारकर हत्या की गई।

इसके बाद  मंजीत, दीपक व उसके साथियों ने 30 जून 2021 को गांव आसंडा मे सर्विस स्टेशन पर सुनील उर्फ नीटू पुत्र दीवान सिंह निवासी आसौदा की नौ गोलियां मारकर हत्या की। वहीँ दो महीने पहले मंजीत, दीपक व उसके साथियों ने 20 अगस्त 2021 को नूना माजरा के पूर्व सरपंच सुरेंद्र उर्फ गुल्लर की करीब 40 गोलियां मारकर हत्या की थी। अब ये दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्त में आए बदमाश मंजीत उर्फ चीता के खिलाफ इन चार वारदातों लावा तीन अन्य अपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या का एक मामला थाना द्वारका दिल्ली, अवैध हथियार रखने का मामला लोधी कॉलोनी दिल्ली, हत्या का एक मामला शिवाजी कालोनी रोहतक में दर्ज है। हत्या के एक मामले में जुलाई 2020 में जमानत पर जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसने कई वारदातों को अंजाम दिया। 17 वर्ष की उम्र में अपराध में सलिप्त हो गया। दूसरे बदमाश दीपक उर्फ सोनू के खिलाफ सोनीपत में पुलिस पार्टी पर फायरिंग का मामला अप्रैल 2013 में दर्ज हुआ था। सोनीपत में ही फरवरी 2013 में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ। खरखोदा सोनीपत में मई 2016 में हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज हुआ था। थाना मतलोढा पानीपत जुलाई 2016 में हत्या का मामला दर्ज हुआ था। जून 2016 में छीना झपटी के दो अलग-अलग अपराधिक मामले थाना भौपानी जिला फरीदाबाद में दर्ज हैं। इन सभी छह मामलों में वर्ष 2018 में जमानत पर जेल से बाहर आया था।

पकड़े गए आरोपियों को आज पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उन्हें 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों से और भी बड़ी अपराधिक वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। इतना ही नहीं पुलिस वारदातों में शामिल इनके साथियों के बारे में भी इनसे पूछताछ करेगी। साथ ही पुलिस दिल्ली की जेल में बंद गैंगस्टर नवीन उर्फ बाली को प्रोडक्शन वारंट पर लाने का भी प्रयास करेगी। नवीन उर्फ बाली बहादुरगढ़ के गैंगस्टर नीटू डाबोदिया की मौत के बाद उसकी गैंग को ऑपरेट कर रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी की जेल में बंद होने के बावजूद नवीन कैसे अपना नेटवर्क चला रहा है।

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