TRP-सनसनी है TV मीडिया की परेशानी: सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सुदर्शन टीवी के शो पर रोक, जानिए क्यों

देश की उच्चतम न्यायालय ने सुदर्शन न्यूज़ के ‘UPSC Jihad’ शो पर एतराज़ जताते हुए रोक लगा दी है. मामले पर अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी. सुदर्शन के जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद था, उसमें ‘नौकरशाही में एक ख़ास समुदाय की बढ़ती घुसपैठ के पीछे कोई षडयंत्र होने’ का दावा किया गया था. SC ने कहा, ‘हम यह कहने की अनुमति नहीं दे सकते कि मुस्लिम नागरिक सेवाओं में घुसपैठ कर रहे हैं.’

सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की खंडपीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस चैनल की ओर से किए जा रहे दावे घातक हैं और इनसे यूपीएसी की परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लांछन लग रहा है और ये देश का नुक़सान करता है. वहीं जस्टिस जोसेफ ने कहा, TV मीडिया के साथ समस्या TRP के बारे में है, और इस तरह अधिक से अधिक सनसनीखेज हो जाता है, तो चीजें अधिकार के रूप में सामने आती हैं.

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने इस शो पर 28 अगस्त को रोक लगा दी थी. मगर 10 सितंबर को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चैनल को कार्यक्रम प्रसारित करने की इजाज़त दे दी थी.

मंत्रालय के मुताबिक  के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके ने 31 अगस्त को आधिकारिक रूप से अपना जवाब दे दिया था, जिसके बाद तय किया गया था कि अगर कार्यक्रम के कंटेंट से किसी तरह नियम-क़ानून का उल्लंघन होता है, तो भविष्य में चैनल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब हो कि सुदर्शन ने 25 अगस्त को एक टीज़र जारी किया था, जिसमें यह दावा किया था कि 28 अगस्त को प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘बिंदास बोल’ में ‘कार्यपालिका के सबसे बड़े पदों पर मुस्लिम घुसपैठ का पर्दाफ़ाश’ किया जाएगा. टीज़र सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर आलोचना शुरू हो गई थी. आगे मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था, जिसके बाद अब कोर्ट ने सुदर्शन के  शो पर रोक लगा दी है.

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