हरियाणा सचिवालय से टॉप सीक्रेट दस्तावेज लीक, एक कर्मचारी को सस्पेंड किया गया

हरियाणा सरकार के सीएफएमएस (सेंट्रल फ़ाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) में सेंध लग गई है। सिविल सचिवालय से गोपनीय दस्तावेज लीक हो रहे हैं। बेहद गोपनीय फ़ाइल में मौजूद सूचना को लीक करने की गाज एक कर्मचारी पर गिर चुकी है। सचिवालय सेवाएं शाखा के एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। इसकी सेवाएं पहले भी संदेह के दायरे में रही हैं और वह 3-4 साल चार्जशीट रह चुका है।

अब सरकार के गोपनीय दस्तावेज लीक करने पर उसकी एसीआर भी खराब होगी। कुछ और कर्मचारी भी सरकार के रडार पर हैं, जिन पर गोपनीय दस्तावेज लीक करने का शक है। ये कर्मचारी गोपनीय दस्तावेज व्हाट्सऐप के जरिए कर्मचारियों के ग्रुप पर व अन्य जगह भेजते हैं। इसकी सूचना गत सप्ताह मुख्य सचिव को मिली।

सचिवालय सेवाएं शाखा के जिस कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है, वह लिंक अधिकारी भी था। जिस गोपनीय फ़ाइल से सूचना लीक हुई, वह उस कर्मचारी को निपटानी थी, जो छुट्टी पर था। उसकी जगह लिंक अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई। उसने फ़ाइल की औपचारिकताएं पूरी करने के साथ ही उसकी फोटो खींचकर दस्तावेज की कॉपी आगे भेज दी, जिससे बवाल मच गया।

मुख्य सचिव ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए

पूरा मामला मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा तक पहुंच गया है, जिस पर उन्होंने सचिवालय स्थापना शाखा को सूचना लीक करने वाले कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। पहले तो उस कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया जो छुट्टी पर था। जैसे ही सरकार को गलती को अहसास हुआ, उसे बहाल करके असली दोषी पर कार्रवाई की गई।

उसके बाद दस्तावेज व्हाट्सऐप पर भेजने वाले को सस्पेंड किया गया। मामला नीतिगत निर्णय से जुड़ा था, जिसकी जानकारी बिना सरकार के सार्वजनिक नहीं हो सकती थी। इसे या तो मुख्यमंत्री या फिर मुख्य सचिव ही सार्वजनिक कर सकते थे। इस प्रकरण के बाद सरकार ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखें।

सरकार ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे निर्देश

सचिवालय स्थापना शाखा ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, अतिरिक्त सचिव, ओएसडी, सलाहकार, विशेष वरिष्ठ सचिव, वरिष्ठ सचिव, निजी सचिव व सचिव के अलावा, सभी मंत्रियों के  विशेष वरिष्ठ सचिव, वरिष्ठ सचिव,निजी सचिव व सचिव, सचिवालय के संयुक्त सचिव, अवर सचिव, अधीक्षक, उपाधीक्षक व शाखा प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई गोपनीय सूचना लीक न हो।

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