किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए हरियाणा के डिप्टी CM दुष्यंत ने केंद्र सरकार से मांगी ये स्कीम

चंडीगढ़ : हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि राज्य के किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए 35 प्रतिशत केन्द्र सरकार वहन करती है, जिसका फायदा प्रदेश को ज्यादा से ज्यादा कैसे पहुंचाया जाए, उसको लेकर आज समीक्षा बैठक की गई है।

टीओपी स्कीम को हरियाणा में भी लागू करने का आग्रह किया

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा लागू यूपी, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में टीओपी स्कीम को हरियाणा में भी लागू करने का आग्रह किया है। ताकि प्रदेश के सब्जी उगाने वाले किसानों को इस योजना का फायदा पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आलू, प्याज और टमाटर उगाने वाले किसानों को केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद, स्टोरेज आदि के लिए सहायता प्रदान की जाती है।

हरियाणा में टमाटर की खेती दादरी, भिवानी जिले में ज्यादा होती है, तो वहीं प्याज की पैदावार पलवल और मेवात में अधिक की जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तरी हरियाणा में आलू कैथल, यमुनानगर, करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र जिलों में होता है इसलिए इस योजना के लागू होने से प्रदेश किसानों को लाभ पहुंचेगा

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एचएसआईडीसी के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा देते हुए कैसे प्रदेश के युवाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार मुहैया करवाये जाएं, इसके लिए सरकार पूरा जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों में प्रदेश सरकार ने करीब 60 बड़ी कंपनियों के साथ चर्चा की गई है, इनमें डेल, कोका कोला जैसी कई नामी कंपनियां शामिल है।

उन्होने कहा कि सभी कंपनियों को हरियाणा में निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दुष्यंत ने कहा कि सरकार निरंतर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। आज पूरे विश्व में कोरोना महामारी के कारण विपरित हालात बने हुए है, लेकिन ऐसे हालातों के बीच प्रदेश में कोई उद्योग स्थापित होता है तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

प्रदेश युवाओं के रोजगार के सरकार निरंतर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार पोर्टल के माध्यम से युवाओं को रजिस्टर करवाया जाएगा। ताकि उनका उद्योगिक कंपनियां को डाटा मिल सके। साथ ही उन्होंने बताया कि उद्योगों के लिए ये भी अनिवार्य किया गया है कि रोजगार पोर्टल पर वे प्रतिदिन नौकरियों की जानकारी डाले। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से सरकार का मकसद है कि ज्यादा से युवा रजिस्टर करें। ताकि सरकार उन्हें रोजगार मुहैया करवाने की दिशा में कदम उठा सके।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मानसून के सीजन में फैलने वाली बीमारियों के रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी की है, जिस पर प्रदेश सरकार ने कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत विभाग को आदेश जारी किया गया है कि सभी ग्राम पंचायतों से जानकारी ली जाए कि किन-किन गांवों में रोकथाम के लिए फॉगिंग मशीनें आदि की सुविधाएं उपलब्ध है।

उन्होंने आगे कहा कि जिन-जिन ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं है, उन पंचायतों को मानसून के सीजन में फैलने वाली बीमारियों के रोकथाम के लिए फंड जारी किया जाएगा। जैसे कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए पंचायत विभाग ने सभी गांवों में सेनेटाइजर का छिड़काव करवाया था।

वहीं पत्रकारों द्वारा धान की खेती पर पूछे गए सवाल पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने जवाब दिया कि विपक्षी नेताओं ने इस विषय पर सिर्फ किसानों को भ्रमित करने का कार्य किया था, जबकि प्रदेश सरकार किसानों के हित में है। उन्होंने कहा कि धान की खेती पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

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