मुंबई में हजार बेड का कोरोना अस्पताल महज इतने दिनों में होगा तैयार

देश में कोरोना सबसे अधिक तेजी से महाराष्ट्र में पैर पसार रहा है। खासकर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या इतनी हो गई है कि अब यहां अस्पताल कम पड़ने लगे हैं। ऐसे में यहां वुहान की तर्ज 1000 बेड के अस्थायी अस्पताल कि निर्माण किया जा रहा है। बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स प्रदर्शनी मैदान में महज 15 दिन में इस अस्पताल को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

अस्पताल निर्माण की जिम्मेदारी मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन डिवेलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) को दी गई है। अस्पताल निर्माण का काम 28 अप्रैल को शुरू हुआ है और अगले कुछ दिनों में यह तैयार हो जाएगा। यह अस्पताल ऐसे कोरोना मरीजों के लिए तैयार किया जा रहा है, जिनकी हालत गंभीर नहीं होगी।

इस स्थान पर अक्सर राजनीति रैलियां, सांस्कृतिक-सामाजिक कार्यक्रम और प्रदर्शनियों का आयोजन होता था। कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ सरकार ने यहां अस्थायी अस्पताल निर्माण का फैसला किया। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी इसका जायजा लिया था।

यहां पैथोलॉजी लैब, ऑक्सिजन फैसिलटी और डॉक्टर व नर्सों के लिए केबिन भी तैयार किए जा रहे हैं। यहां मरीजों को क्वारंटाइन, आइसोलेशन में रखने के साथ इलाज की सुविधा होगी।

महाराष्ट्र और मुंबई का सबसे बुरा हाल

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस केसों की संख्या करीब 18 हजार तक पहुंच गई है। गुरुवार को 692 नए केसों के साथ केवल मुंबई में संक्रमितों की संख्या 11 से अधिक हो चुकी है। केवल मुंबई में 437 लोगों की जान जा चुकी है तो राज्य में 694 मरीज दम तोड़ चुके हैं।

चीन के वुहान में 10 दिन में बना था अस्पताल

कोरोना वायरस महामारी का केंद्र रहे वुहान शहर में कोरोना रोगियों के उपचार के लिए 10 दिन के भीतर 1000 से अधिक बिस्तरों की क्षमता वाले दो अस्पताल बनाए गए थे। इसकी दुनियाभर में चर्चा हुई थी। चीन ने इसके अलावा 14 अतिरिक्त अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र भी बनाए थे। कोरोना संक्रमण पर लगाम के बाद अब इन्हें बंद किया जा चुका है।

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