इस साल सस्ता सोना खरीदने का आखिरी मौका दे रही है सरकार, आज से खुलेगी यह स्कीम

अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं लेकिन ज्वेलरी नहीं खरीदना चाहते हैं तो केंद्र सरकार एक बार फिर आपको सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की 9वीं सीरीज के तहत आप 28 दिसंबर से 1 जनवरी, 2021 तक गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर पाएंगे। इसके लिए RBI ने प्रति ग्राम सोने की कीमत 5,000 रुपए तय की है यानी 10 ग्राम के गोल्ड बॉन्ड की कीमत 50,000 रुपए है।

यह सोने के मार्केट प्राइस से कम है। जो लोग सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करेंगे, उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपए का डिस्काउंट भी मिलेगा। इससे पहले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का 8वीं सीरीज में प्रति ग्राम सोना का मूल्य 5,177 रुपए तय किया गया था। यह इश्यू 9 नवंबर को खुला था और 13 नवंबर को बंद हुआ था।

यहां से खरीदें गोल्ड बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आप बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) या किसी भी बड़े कमर्शियल बैंक और इसी बिक्री के लिए निर्धारित पोस्ट ऑफिस से खरीद सकते हैं। इसके अलावा SGBs बैंकों की वेबसाइट से ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं। अगर आप इसके क्राइटेरिया को मैच करते हैं और जरूरी डॉक्यूमेंट जमा कराते हैं तो आप SGBs में निवेश कर सकते हैं।

2.50% मिलता है ब्याज

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50 फीसदी का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में अपने आप आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) पर आपको इस तरह का फायदा नहीं मिलता है। SGBs का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का है। लेकिन निवेशक अगर चाहें तो 5 साल के बाद इससे बाहर निकल सकते हैं। लोन लेने के दौरान आप कोलैटरल के रूप में भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा ये बांड एनएसई पर ट्रेड भी करते हैं। अगर गोल्ड बॉन्ड के मैच्योरिटी पर कोई कैपिटल गेन्स बनता है तो इसपर छूट भी मिलती है।

कौन कर सकता है निवेश

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में वह व्यक्ति निवेश कर सकता है जो कि भारत में निवास करता हो, वह अपने स्वयं के लिए, किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संयुक्त रूप से बॉन्ड धारक हो सकता है या फिर नाबालिग की ओर से भी इस गोल्ड बॉन्ड को खरीद सकता है। ध्यान रहे कि भारत में निवास करने वाले व्यक्ति को विदेशी मुद्रा प्रबंधन, अधिनियम, 1999 की धारा 2(यू) के साथ पठित धारा 2(वी) के तहत परिभाषित किया गया है। इसमें बॉन्ड धारक के रूप में विश्वविद्यालय,धर्मार्थ संस्थान या कोई ट्रस्ट भी हो सकता है।

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