कैलकुलेटर को भी मात देती है यह लड़की, 11 साल की उम्र में तोड़े सारे रिकॉर्ड

बच्चों को पढ़ाई में सबसे ज्यादा मुश्किल विषय लगता है मैथ्स। मैथ्स से हर कोई भागता है…हां कुछ बच्चे ऐसे जरूर होते हैं जिनका यह फेवरेट विषय होता है। हालांकि उन्हें भी इसके हल के लिए कैलकुलेटर की जरूरत पड़ती है लेकिन आज हम आपको ऐसी लड़की के बारे में बताते हैं जो झट से ही इन सवालों के हल निकाल लेती हैं।

इस लड़की का नाम है प्रियांशी सोमानी जिसने न सिर्फ विश्व रिकॉर्ड बनाया बल्कि अपने नाम कईं रिकॉर्ड भी तोड़े हैं। प्रियांशी का दिमाग इतना तेज है कि वह कैलकुलेटर का भी इस्तेमाल नहीं करती है। आपको बता दें कि प्रियांशी ने 11 साल की उम्र में ही अपने नाम विश्व रिकॉर्ड बना लिया था।

जीत चुकी हैं स्वर्ण

प्रियांशी ने भारत का गौरव बढ़ाते हुए अपने देश के नाम मेन्टल कैलकुलेशन विश्च चैम्पियनशिप 2020 में पहला स्वर्ण किया। इतना ही नहीं प्रियांशी 2010 में होने वाले मानसिक गणना विश्व कप को भी अपने नाम कर चुकी हैं।

6 साल की उम्र से ही मिनटों में हल कर लेती थी सवाल

गुजरात के सूरत शहर में जन्मी प्रियांशी को बचपन से ही गणित के सवालों के साथ खेलने का शौंक था। 6 साल की उम्र में जब बच्चे खिलौनों की जिद्द करते हैं उसी उम्र में प्रियांशी कॉपी पेन लिए बिना ही सवालों को हल कर देती थीं।

बन चुकी हैं नेशनल चैंपियन

इतना ही नहीं इस कला को प्रियांशी ने और निखारा और छोटी उम्र से ही खुद पर काम करने लगीं और 2006 में भारत में आयोजित अबेकस और मानसिक अंकगणितीय प्रतियोगिता में नेशनल चैंपियन बन गईं और अपना और अपने माता पिता का नाम रौशन किया।

6 मिनट में निकाला सवाल

अपने नाम इतने सारे पुरस्कार करने वाली प्रियांशी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सबकी आंखें खोल कर रख दीं। 2007 में मलेशिया में जब एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हुई तो सबकी आंखें खुली रह गईं। फिर इसके बाद 2010 में भारत में हुए विश्व कप में प्रियांशी ने महज 6:51 मिनट ही सवाल निकाल दिया और इस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।

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