कोरोना से लड़ने के लिए कर्मचारियों को दिए ये दिशा-निर्देश

चंडीगढ़ : सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने कर्मचारियों से कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ सैनिकों की तरह कार्य करने का आह्वान किया है। संघ ने जरूरी सेवाओं मे लगे कर्मचारियों से ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने का भी आग्रह किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी व वरिष्ठ उप-प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कर्मचारियों से आह्वान करते हुए सरकार से भी जरूरी सेवाओं (विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं) में लगे कर्मचारियों को कम्प्लीट सेफ्टी किट देने की मांग की है।

संघ ने हालात में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी सामान जैसे सैनिटाइजर, मास्क, साबुन आदि तुरंत उपलब्ध करवाने व कोरोना वायरस से संक्रमित कर्मचारियों का नि:शुल्क इलाज करवाने की मांग भी की है. उन्होंने बताया कि आवश्यक सेवाओं में तैनात कर्मचारियों को सुरक्षित रखने व उनका हौसला बनाए रखना सरकार का प्रथम काम होना चाहिए। संघ नेताओं ने रोडवेज बसों, फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों, बिजली के सब-स्टेशनों सहित सभी विभागों के कार्यालयों को सैनिटाइज करने की मांग की है।

श्रेणी और आउटसोर्सिंग अनुबंध, पार्टटाइम और डी.सी. रेट पर लगे कर्मचारियों को विशेष मदद देने की भी मांग की है। संघ ने आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने के लिए कोरोना वायरस महामारी मे बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया है।

लांबा ने बताया कि कोरोना वायरस का जितना बड़ा खतरा है, उसके अनुसार हमारी तैयारियां नही है। उन्होंने बताया कि अभी तक इसकी जांच करने के लिए प्रदेश में केवल दो ही प्रयोगशाला है। जबकि सभी सरकारी अस्पतालों, सी.एच.सी., पी.एच.सी. व प्राइवेट अस्पतालों में नि:शुल्क जांच के लिए प्रयोगशाला खोली जाए और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना बहुत आवश्यक है। निम्न और मजदूर वर्ग में कोरोना वायरस से बचाव के लिए मुनादी सहित अन्य सभी प्रकार से जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

उन्होंने हरियाणा सरकार से केरल की सरकार की तर्ज पर सभी जरूरतमंद को एक महीने का राशन नि:शुल्क देने और अंत्योदय स्कीम के बाहर के परिवारों को 10 किलो राशन मुहैया करवाने व विशेष आर्थिक मदद देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जो मजदूर रोजाना कमाता व खाता है, वह घर में कैसे रह सकता है? सरकार एक महीने का राशन देकर उसका घर में रहना सुनिश्चित कर सकती है।

उन्होंने बताया कि पत्र व स्मरण पत्र लिखने व सार्वजनिक तौर पर मांग उठाने के बावजूद 70 स्थानीय निकाय सहित अन्य विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को अभी तक सैनिटाइजर, मास्क, साबुन तक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। उन्होंने सरकार से कोरोना वायरस जैसी महामारी की आड़ में सैनिटाइजर, मास्क और सब्जियों तथा रोजाना के खाने पीने की चीजों के दामों में भारी बढ़ोत्तरी करने व नकली सैनिटाइजर बनाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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