अब इन परिवारों का बनेगा 3 महीने का अस्थाई पास या कार्ड: मुख्यमंत्री मनोहर लाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार और सामाजिक संस्थाएं मिलकर कोरोना महामारी के दृष्टीगत सभी जरूरतमंदो को उनकी आवश्यकतानुसार भोजन व खाद्य सामग्री जैसी जरूरी वस्तुएं उपलब्ध करा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे परिवार जिनका नाम किसी भी लाभार्थी सूची में नहीं है, उनकी पहचान करके 3 महीने के लिए अस्थाई पास या कार्ड बनाया जाएगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ऐसे परिवारों को राशन सामग्री नि:शुल्क वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री सोमवार को चण्डीगढ़ से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिलो की सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ रूबरू थे। उन्होंने सभी को बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में करनाल के उपायुक्त निशांत कुमार यादव के साथ भाजपा के जिला महामंत्री योगेन्द्र राणा सहित शहर की करीब 25 संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से उज्जवला स्कीम के तहत प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों को नि:शुल्क एलपीजी कनैक्शन और गैस सिलेंडर दिए थे, इसी परिपे्रक्ष्य में उन्होंने कहा कि यदि अब भी ऐसे किसी जरूरतमंद व्यक्ति के पास गैस सिलेंडर नहीं है, तो सरकार उसके इंतजाम की व्यवस्था भी कर रही है। इसके लिए उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार की ओर से सभी जिलो को दिए गए फंड में से ऐसे लोगों की सिलेंडर व गैस की जरूरत को पूरा कर सकते हैं।

विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं से कहा कि वे संकट की इस घड़ी में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सराहनीय योगदान कर रही हैं, इसमें भोजन, खाद्य सामग्री और राहत कोष के लिए दान स्वरूप राशि भी दी गई है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में जितना हो सके संस्थाएं जरूरतमंद लोगों को सूखे राशन के पैकेट बनाकर वितरित करें, पका हुआ भोजन न के बराबर दे। कई बार वार्ड या जरूरत की जगहों पर डुप्लीकेसी से पका हुआ भोजन खराब हो जाता है और इससे अन्न का अनादर भी होता है, लेकिन कोशिश रहे कि हर अंतिम जरूरतमंद व्यक्ति तक राशन पहुंचे। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं का यह कहकर भी आह्वान किया कि वे स्वेच्छा से कोरोना रिलीफ फंड में आहूति डालें।

विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने प्रारम्भ में प्रदेश के गुरूग्राम, फरीदाबार, पलवल व नूहं जैसे कोरोना से प्रभावित जिलो की सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से संवाद किया और उनके सुझाव लिए। इसके बाद जिलेवार सामाजिक संस्थाओं से वार्ता करते हुए करनाल की संस्थाओं के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उपायुक्त करनाल निशांत कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि करनाल शहर में अब तक करीब 20 हजार राशन किटों का जरूरतमंदो में वितरण किया जा चुका है। इस कार्य में सभी संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया।

उपस्थित संस्थाओं की ओर से निफा संस्था के अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नू ने मुख्यमंत्री को बताया कि करनाल प्रशासन सभी संस्थाओं को साथ लेकर पूरी सजगता से काम कर रहा है। सभी वार्डों में जरूरतमंदो को राशन पहुंचाया जा रहा है। राशन वितरण का एक दौर पूरा कर लिया गया है और दूसरे के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन की पहल के तहत हर घर के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच व डाटा तैयार किया जा रहा है, इससे भी जरूरतमंदो की जानकारी प्राप्त हुई है और उनकी जरूरतें पूरी की गई हैं। पन्नू ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि मौसम में बदलाव के बाद मच्छर शुरू हो गए हैं, इससे ढेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियां भी आएंगी, जिनके लक्ष्ण कोविड-19 के लक्ष्णों से मिलते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए पूरे प्रदेश में फोगिंग व मच्छरमार दवा का स्प्रे करवा दिया जाए, ताकि मच्छर जनित बीमारियां न हों। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि करनाल की सामाजिक संस्थाओं के सभी सदस्य रिलीफ फंड में योगदान देंगे।

 

 

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