ये अरबों की मालकिन सुधा मूर्ति हैं… हर साल इस तरह करती हैं समाजसेवा

सुधा मूर्ति की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. हालांकि, ये तस्वीर पुरानी है, लेकिन वह हर साल परोपकारी कार्य के तहत अपने जयनगर बेंगलूरू के पास स्थिति राघवेंद्र स्वामी मंदिर में आयोजित होने वाले राघवेंद्र अराधनाउत्सव में तीन दिनों के लिए कार सेवा करती हैं. यह उसी दौरान की तस्वीर है जो साल 2016 की है.

सुधा मूर्ति के बारे में सभी जानते हैं कि किस तरह उन्होंने इंफोसिस को खड़ा करने में अपने पति और इंफोसिस के संस्थापक एन नारायण मूर्ति की हेल्प की थी. इस कंपनी के आईटी सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी बनाने में सुधा मूर्ति का भी कितना सहयोग रहा है.

इसके अतिरिक्त सुधा मूर्ति ने 92 किताबें लिखी हैं. यह लगभग सभी भारतीय भाषाओं में प्रकाशित हैं. सुधा मूर्ति की प्रतिभा के बारे में दुनिया में चर्चा है. वहीं, उनको उनके परोपकार के काम को लेकर भी लोग जानते हैं. वह हर साल तीन दिनों के लिए राघवेंद्र अराधनाउत्सव में कार सेवा भी करती हैं. इस दौरान वह अपने मंदिर के भोजनालय और बगल के कमरों को साफ करती हैं. सब्जियां कटवाती हैं. करीब 4 घंटे तक वह सेवा कार्य करती हैं.

साल 2013 में एक अखबार को दिए इंटरव्यू में सुधा मूर्ति कहती हैं, पैसा देना बहुत सरल है. लेकिन, शारीरिक सेवा देना उतना सरल नहीं. वह सिखों के कारसेवा से काफी प्रभावित हैं. कई बार वह दिल्ली के एक गुरूद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल का भी ध्यान रखती हैं. वह हर साल तीन दिन के लिए स्टोर मैनेजर की भूमिक में रहती हैं

हालांकि, कुछ लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि वह सब्जियां बेचती हैं. जबकि सच्चाई ये है कि वह स्टोर में आने वाली सब्जियों के स्टॉक को चेक करती हैं. इसके लिए वह सब्जियों के बीच ही जमीन पर बैठी रहती हैं.

Advertisement