ये सरकारी स्कूल हैं: सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बदल रहा है केरल, तस्वीरों में दिख रही है सच्चाई

सरकारी स्कूल का नाम सुन कर दिमाग में एक ही तरह ही छवि बनती है. पुरानी जर्जर बिल्डिंग, ज़मीन पर बैठ कर पढ़ रहे बच्चे, अध्यापकों की कमी. धीरे-धीरे ही सही ये छवि कुछ राज्यों में बदल रही है. जहां दिल्ली में कुछ अच्छे बदलाव देखने को मिले, वहीं केरल ने भी इस स्थिति को बेहतर बनाने के प्रयास शुरू किये, जिनका असर अब दिख रहा है.

ये जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, वो केरल के सरकारी स्कूलों की हैं. ये किसी भी प्राइवेट स्कूल को इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में टक्कर दे सकते हैं.

केरल के CM पिनरई विजयन ने हाल ही में 34 सरकारी स्कूल का उद्घाटन किया. ये स्कूल अलग-अलग ज़िलों में बने हैं. ये सभी स्कूल केरल सरकार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की बेहतरी के तहत चल रहे मिशन Public Education Rejuvenation के तहत चल रहे हैं.

इस प्रोजेक्ट का मकसद राज्य में सरकारी शिक्षा नीतियों, पढ़ाई और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार लाना है. इन नए स्कूल्स में 5 कोज़हिकोडे, 5 कन्नूर, 4 तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और एर्नाकुलम, 3 कोट्टायम और 2 मल्लापुरम, इडुक्की में बने हैं. 1 थ्रिसुर और Alappuza में बने हैं.

इन सभी स्कूलों लैपटॉप, प्रोजेक्टर, इंटरनेट और साउंड सस्टम की सुविधा भी दी जाएगी. कोशिश इन्हें पूरी तरह से स्मार्ट क्लास का रूप देने की है. इसके साथ-साथ इन स्कूलों को दिव्यांग बच्चों को ध्यान में रख कर बनाया जाएगा.

नेशनल स्टेटिस्टिक्स ऑफिस के अनुसार, केरल एक बार फिर साक्षरता में 96.2 प्रतिशत के साथ टॉप पर है. इसमें बड़ा योगदान पब्लिक स्कूल्स का भी है. जिस तरह से प्राइवेट स्कूल्स की फ़ीस आसमान छू रही है, अगर सभी सरकारें केरल का उदाहरण लेकर सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लेकर आएंगे, तो कई बच्चों का भविष्य सुधर सकता है.

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