New Year 2021 में हरियाणा में बदलेगा शिक्षा का तरीका, स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई का नया पैटर्न

चंडीगढ़ । New year 2021 hopes: कोरोना वायरस के संक्रमण से पैदा के चलते हरियाणा में भले ही मौजूदा शैक्षिक सत्र में स्कूल-कालेजों में पढ़ाई प्रभावित हुई, लेकिन महामारी ने शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का आधार तैयार कर दिया है। नए सत्र में स्कूल-कालेजों में नियमित कक्षाओं के साथ ही डिजिटल पढ़ाई पर जोर रहेगा। स्मार्ट कक्षाओं में नई शिक्षा नीति के अनुसार पढ़ाई का पैटर्न भी बदला नजर आएगा। प्रदेश सरकार का फोकस विशेषकर गरीब छात्रों पर है।

गरीब छात्रों को उच्चतर शिक्षा के लिए बैंकों से मिलेगा न्यूनतम ब्याज पर लोन

विद्यार्थियों को सरकारी स्तर पर वित्तीय मदद के साथ ही चिकित्सा एवं तकनीकी कोर्सों सहित उच्चतर शिक्षा के लिए बैंकों से सस्ते ब्याज पर लोन दिलाया जाएगा। हरियाणा जमा धन प्रत्याभूति योजना के तहत प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को क्रेडिट गारंटी स्कीम के जरिये सिर्फ 7.5 फीसद सालाना ब्याज पर ऋण मिलेगा। यह पूरे देश में सबसे कम है। इस ऋण पर सरकार गारंटी देगी और विद्यार्थियों द्वारा लोन का भुगतान नहीं कर पाने की स्थिति में क्रेडिट गारंटी निधि से बैंकों को भुगतान किया जाएगा।

आठवीं से बारहवीं तक के आठ लाख से अधिक बच्चे टैब से करेंगे पढ़ाई

हरियाणा के वित्त विभाग ने क्रेडिट गारंटी निधि को मंजूरी दे दी है जिससे गरीब विद्यार्थियों को फीस भरने की चिंता नहीं रहेगी। प्रदेश में फिलहाल हर 15 किलोमीटर के दायरे में एक कालेज है। अब दस किलोमीटर के दायरे में कालेज का लक्ष्य पूरा करने के लिए नए महाविद्यालय खोले जाएंगे। सरकारी स्कूलों में आठवीं से बारहवीं तक के बच्चों को टैब देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है ताकि वह आनलाइन पढ़ाई कर सकें।

करीब 320 करोड़ रुपये के टैब 8.13 लाख विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। इन टैब में डिजिटल पुस्तकों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के टेस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री भी रहेगी जो पाठयक्रम के अनुसार होगी। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे विभिन्न प्रकार के विषयों की पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, इनमें वही साइट खोली जा सकेंगी जो शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत होंगी। ‘अवसर एप’ के जरिये शिक्षक को पता होगा कि बच्चों ने टैब का सप्ताह में कितने घंटे प्रयोग किया और कितने कंटेंट देखे।

ई-ग्रंथकोष पर मिलेगा तमाम कंटेंट उच्चतर

शिक्षा विभाग ने ई-ग्रंथ कोष तैयार किया है जिसके जरिये ई-पुस्तकें, वीडियो, आडियो, ई-जर्नल के लिंक, दिव्यांगजन कार्नर और सुगम लाइब्रेरी के माध्यम से सार्वजनिक डोमेन उपलब्ध कराए जाएंगे । ब्रिटिश काउंसिल आफ इंडिया और अमेजन, किंडल जैसे मंचों के साथ मिलकर ई-प्लेटफार्म तैयार किया गया है। इससे करीब छह करोड़ ई-बुक्स, तीन लाख वीडियो और आडियो, दस लाख पत्रिकाएं, 23 हजार पावर क्रम सामग्री, छह हजार ई-पत्रिकाएं और 55 ई-समाचार पत्र मिल सकते हैं।

नई शिक्षा नीति पर मजबूती से बढ़े कदम’

” राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सिफारिशें लागू करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। नई शिक्षा नीति में जहां वर्ष 2030 तक उच्चतर शिक्षा में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 32 फीसद कराने का लक्ष्य है, वहीं प्रदेश में वर्तमान में इससे कहीं अधिक लड़कियां उच्चतर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। हमने उच्चतर शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी 50 फीसद से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। नए शैक्षिक सत्र में चार हजार प्ले-वे स्कूल खोल दिए जाएंगे जिनमें से 1135 स्कूल खोलने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 112 नए संस्कृति माडल स्कूल भी खोले जाएंगे।

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