मोटे ब्याज वसूली से परेशान होकर एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत…

जयपुर। राजस्थान की पिंक सिटी के वैशाली नगर इलाके में खातीपुरा स्थित बुनकर कॉलोनी में आर्थिक कर्ज, उधारी रकम पर मोटे ब्याज वसूली से परेशान होकर एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत ने सभी को हिलाकर रख कर दिया। सब्जी बेचकर घर में पत्नी व दो मासूम बच्चों का पेट पालने वाले व्यक्ति ने अवसाद में आकर कल रात पहले सब्जी बेचने के चाकू से पत्नी, चार साल की बेटी, डेढ़ साल के बेटे की बेरहमी से हत्या कर डाली। इसके बाद खुद भी फंदा लगाकर जान दे दी।

घटनास्थल पर प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि मृतक गिरिराज राणा ने वारदात से पहले कमरे का दरवाजा बंद किया। उसने कमरे में ही रखे टेलीविजन को चालू कर उसकी आवाज तेज कर दी। इससे पत्नी व दोनों बच्चों की चीखें बंद कमरे में टीवी की तेज आवाज में दबकर रह गई। आसपास के लोगों और इसी मकान में दूसरे कमरों में किराए से रहने वाले लोगों को भनक तक नहीं लगी।सुबह 10 बजे इस परिवार को स्थानीय निवासी रामसिंह ने घर में ही बच्चों के साथ देखा था। लेकिन इसकी कल्पना भी नहीं थी कि दो घंटे बाद ही वो ऐसा जघन्य कदम उठाएगा।

डीसीपी प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि वैशाली नगर की बुनकर कॉलोनी में गिरिराज राणा (28), पत्नी शिमला (25), बेटी अनुष्का (4) और डेढ़ साल के बेटे कानू के साथ करीब दो साल से किराए के मकान में एक कमरा लेकर रहता था। वहीं घर के बाहर काॅलोनी में सब्जी का ठेला लगाकर परिवार का पेट पालता था। जिस मकान में गिरिराज किराए से रहता था, वहीं मकान मालिक रुप नारायण अपनी गायें बांधते हैं। वहीं से दूध बेचते हैं। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे मकान मालकिन सुनीता रोजाना की तरह पशुओं को चारा खिलाने गई थी। तब उसे गिरिराज के कमरे का दरवाजा बंद मिला। बच्चे और पत्नी भी नजर नहीं आई। तब उसने कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब नहीं मिला।

तब सुनीता ने अपने पति रुप नारायण को सूचना दी। रुप नारायण ने भी दरवाजा खोलने का प्रयास किया। लेकिन नाकाम रहा। तब पड़ोसियों को बताया। इसके बाद घर के पिछले हिस्से में खिड़की से झांककर देखा। तब गिरिराज कमरे में फंदे पर लटकते हुए नजर आया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा। तब गिरिराज की पत्नी व दोनों बच्चे फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़े थे।

उनका गला चाकू से कटा हुआ था। वहीं, गिरिराज खुद पंखे के कड़े से लटका हुआ था। तब सूचना मिलने पर वैशाली नगर थानाप्रभारी अनिल जैमिनी मौके पर पहुंचे। फिंगर प्रिंट और एफएसएल टीम को बुलवाया गया। घटनास्थल के आसपास मकानों व छतों पर भीड़ इकट्‌ठा हो गई। स्थानीय निवासी रामसिंह ने बताया कि सुबह 10 बजे तक गिरिराज और उसकी पत्नी बच्चों को मकान में देखा गया था।

एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि कमरे में सब्जी काटने का एक चाकू बरामद हुआ है। दरवाजा अंदर से बंद था। इससे प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरिराज ने पत्नी शिमला, बेटी अनुष्का और बेटे कानू की चाकू से बेरहमी से गला रेतकर हत्या की। इसके बाद खुद फंदे पर लटककर जान दी। मृतक गिरिराज मूल रुप से सवाईमाधोपुर का रहने वाला था।

घटनास्थल पर कमरे में पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। यह एक कॉपी में लिखा हुआ था। जिसमें सामने आया कि गिरिराज ने दिनेश यादव नाम के किसी व्यक्ति से करीब 70 हजार रुपए उधार लिए थे। उसने 30 हजार रुपए चुका दिए थे। लेकिन इसके बावजूद भी दिनेश यादव उससे 1.65 लाख रुपए वसूलना चाह रहा था।

फोन पर हुई बातचीत में मृतक गिरिराज की बहन ने बताया कि उसके भाई ने कुछ महीने पहले सब्जी के व्यवसाय के लिए एक गाड़ी रुपया उधार लेकर ली थी। यह रकम करीब 10 से 15 प्रतिशत ब्याज पर ली गई थी। गत 22 दिसंबर से पहले गिरिराज गांव में बहन के पास गया था। तब वह बता रहा था कि उससे 15 प्रतिशत ब्याज मांग रहा है। वह 70 हजार रुपए उधारी में से 30 हजार रुपए चुका चुका है। फिर भी एक व्यक्ति उससे मोटी ब्याज पर 1.65 लाख रुपए मांग रहा है।

यह भी सामने आया कि दिनेश ही गिरिराज की गाड़ी भी जबरन उठाकर ले गया था। पुलिस ने इस मामले में देर शाम दिनेश यादव को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दिनेश लोन दिलाने का काम करता है। सुसाइड नोट में इसी व्यक्ति के नाम का जिक्र है। चौमू लोहरवाड़ा का रहने वाला दिनेश जयपुर में वैशाली नगर के चांद बिहारी नगर में रहता है। मृतक का इसी से लेन-देन हुआ था। चारों मृतकों के शवों को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। यहां कल शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

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