घरौंडा के सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र में आयोजित तीन दिवसीय मेले का हुआ समापन !

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर(सिमरजीत कौर) भारत में इजराईल के राजदूत डा. रोम मलका ने कहा कि इंडो-इजराईल कृषि परियोजना पूरी दुनिया में कृषि क्रांति लेकर आ रही है। यह परियोजना इजराईल के लिए ही नहीं बल्कि भारत को वैश्विक की ओर बढऩे का ईशारा कर रही है। दोनों देशों के आपसी सहयोग से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का सपना भी साकार होगा। राजदूत डा. रोम मलका मंगलवार को घरौंडा स्थित इंडो-इजराईल सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र में आयोजित तीन दिवसीय सब्जी मेला के समापन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि करनाल स्थित सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र इंडो-इजराईल के सहयोग से बना देश का सबसे पहला केन्द्र है। एक दशक में इस संस्थान में लाखों किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि इंडो-इजराईल कृषि परियोजना जैसे सैंटरों से बढिय़ा दुनिया का कोई सैंटर नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि आने वाले समय में सैटेलाईट ड्रोन की सहायता से खेती की जाए।

इसके अतिरिक्त इंडो-इजराईल के सहयोग से करीब 27 केन्द्र फल और सब्जियों के चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों के माध्यम से वर्ष 2018 में करीब 10 लाख किसानों को कृषि का प्रशिक्षण दिया गया जोकि एक गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों के साथ-साथ हर समुदाय की पहचान करके उन्हें कृषि से जोडऩा होगा। उन्होंने कहा कि सैंटर बनाने का उद्देश्य किसानों को लाभ देना है ना कि इनकी संख्या बढ़ाना और यह कार्य हरियाणा में कृषि वैज्ञानिक बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्रांति लाने के लिए जहां भी सैंटर स्थापित किए गए हैं वहां के नजदीक के गांव को इससे जोड़ा जाए। इससे और इंडो-इजराईल के समझौतों को बढ़ावा मिलेगा। यह कोशिश भारत-इजराईल और हरियाणा के सहयोग से हो सकती है।

राजदूत डा. मलका ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें बहुत खुशी हो रही है कि किसानों की संख्या इंडो-इजराईल कृषि परियोजना से जुडक़र अपनी आय को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के लिए अच्छी क्वालिटी का बीज मिले व जरूरत के अनुसार किसानों को कृषि करने की जानकारी मिले तथा जरूरत के अनुसार फसल में पानी का प्रयोग हो तो इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने इंडो-इजराईल सैंटरों की बढ़ोतरी के लिए कृषि वैज्ञानिक, मैनेजमेंट के व्यक्ति, हरियाणा सरकार को उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि किसानों की भलाई के लिए इंडो-इजराईल कृषि परियोजना को और बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने कहा कि हरियाणा सदा से ही हरा-भरा प्रदेश रहा है। देश का क्षेत्रफल छोटा होने के बावजूद भी देश के अन्न, फल, सब्जी के पोल में हरियाणा का विशेष स्थान है। हरियाणा सरकार ने अच्छे साधन उपलब्ध करवाकर किसानों की आय को वर्ष 2022 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वह अपनी आय को बढ़ाने के लिए परम्परागत खेती को छोडक़र बागवानी अपनाएं और पैक हाऊस, नेट हाऊस बनाकर उच्च किस्म की खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि हमने पेहवा में पहला पैक हाऊस खोला है जिसकी लागत 6 करोड़ रुपये है और आज घरौंडा में भी इंटीग्रेटिड पैक हाऊस की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 200 एस्प्रो सैंटर खोले गए हैं जिनसे करीब 5 हजार किसान जुड़ चुके हैं और इसके माध्यम से किसानों को कृषि यंत्र खरीदने के लिए 500 करोड़ रुपये की सब्सिडी किसानों को दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य है विदेशो में हरियाणा के किसानों की फल व सब्जियां बिके, पूरी दुनिया में हरियाणा के किसानों की फसलों की डिमांड बढ़े इसके प्रयास हरियाणा सरकार भी कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को चाहिए कि वह पानी की बचत करे, ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत होती है इसके लिए किसानों को 85 प्रतिशत सब्सिडी भी दी जा रही है। इस विधि से खेत को नहीं पौधे की जड़ को पानी मिल जाता है। उन्होंने कहा कि अधिक आय के लिए किसानों को बागवानी, पशुपालन व मछलीपालन को बढ़ावा देना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि किसानों की जोखिम भरी फसल के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों से 600 करोड़ रुपये प्रीमियम लेकर करीब 2200 करोड़ रुपये का मुआवजा हरियाणा सरकार ने दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो किसान , किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लेन-देन सही रखेंगे तो हरियाणा सरकार उसका ब्याज देने के लिए तैयार है। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए आने वाले समय में सरकार पशुपालन के्रडिट कार्ड लेकर आने वाली है। उन्होंने कहा कि जो किसान पैक हाऊस, पॉली हाऊस, खुंबी हाऊस खोलना चाहते हैं उसके लिए भी हरियाणा सरकार ने बिजली की दर प्रति यूनिट 8.50 रुपये से घटाकर 2.50 रुपये कर दी है। इसी प्रकार कोल्ड स्टोर की बिजली यूनिट घटाकर 4.50 रुपये कर दी है। उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग से आने वाले समय में इजराईल, हिदुस्तान कृषि के क्षेत्र में दुनिया की महाशक्ति बनने जा रही है।

कृषि कल्याण विभाग के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजीव कौशल ने कहा कि वर्ष 2011 में घरौंडा सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र की शुरूआत हुई थी। हरियाणा में फल, सब्जी के 6 उत्कृष्टता केन्द्र बनाए गए हैं। इजराईल की तकनीक से हरियाणा के किसान आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं जिससे उनकी आय बढ़ रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे बिना खाद व दवाई की खेती करें, किसानों की आय दोगुनी हो इसके लिए उनका एक ही लक्ष्य है कि दुनिया की कोई भी तकनीक उन्हें लानी पड़े जो किसानों की आय में बढ़ोतरी करे, वह उसको लाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा की कृषि टीम भी हरियाणा की तकनीक को प्रयोग में लाने के लिए आगे बढ़ रही है। हरियाणा का नाम पूरी दुनिया में गूंजे इसके लिए किसानों के सहयोग की जरूरत है।

बागवानी परियोजना के निदेशक डा. अर्जुन सिंह सैनी ने सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि वर्ष 2009 में घरौंडा सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र की शुरूआत हुई थी, उस दिन से अब तक यह केन्द्र हर तरह से प्रगति की ओर अग्रसर है। यहां पर निरंतर सब्जी उत्पादन की नई-नई तकनीक को अपनाया जाता है और किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। इस केन्द्र पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से किसान प्रशिक्षण लेने के लिए आते हैं। इस उत्कृष्टता केन्द्र से प्रभावित होकर करीब 5 हजार हैक्टेयर में किसानों ने पोली हाऊस अपनाया है। इस नई तकनीक को अपनाकर प्रदेश का किसान कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

इस मौके पर मुख्यातिथि द्वारा विभिन्न किस्म की सब्जियों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। मुख्यातिथि द्वारा पोली हाऊस, नेट हाऊस में लगी टमाटर, शिमला मिर्च व पौध का निरीक्षण किया और कृषि वैज्ञानिकों से विशेष जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर इजराईल से मैडम माया कंडोश, सलाहकार मिस्टर डन आल्यूफ, कृषि वैज्ञानिक सलारू बीके दुबे, नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर राजीव महाजन, उप-निदेशक बागवानी, घरौंडा सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र से डा. दीपक धतरवाल, डा. बिल्लू कादियान, डा. मनोज, डा. सुधीर यादव सहित बागवानी व कृषि अधिकारी उपस्थित थे।

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