विज्ञापन में दिखाया बाल उगेंगे… ना उगने पर एक्टर को भरना पड़ा जुर्माना, पढ़ें कोर्ट ने क्या कहा

थ्रिसूरः केरल के एक कंज्यूमर कोर्ट ने हेयर क्रीम प्रोडक्ट (Hair Cream Product) के विज्ञापन में गलत दावा करने पर एक फिल्म एक्टर को जिम्मेदारी ठहराया है. फिल्म एक्टर ने इस हेयर प्रोडक्ट के असर के बारे में जाने बिना ही एंडॉर्स कर रहे थे. थ्रिसूर के ‘डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर रिड्रेसल फोरम’ ने ‘Dhathri Hair cream’ मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी और फिल्म एक्टर अनूप मेन (Anoop Menon) पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. दरअसल, फ्रांसिस वडक्कन नाम के एक शख्स ने ए-वन मेडिकल्स, धात्री आयुर्वेद प्राइवेट लिमिटेड और अनूप मेनन के खिलाफ शिकायत दर्ज किया था.

फायदा न होने पर 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग

इस शिकायत में वडक्कन ने बताया कि उन्होंने पहली बार इस हेयर क्रीम को जनवरी 2012 में 376 रुपये में खरीदा था. इस हेयर क्रीम को उन्होंने एक विज्ञापन देखने के बाद खरीदा था, जिसमें अनूप मेनन प्रॉमिस करते हैं कि अगर इस प्रोडक्ट को 6 सप्ताह तक इस्तेमाल किया जाता है तो हेयर ग्रोथ देखने को मिलेगा. लेकिन, इस क्रीम के इस्तेमाल करने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहींं मिला. इसके बाद उन्होंने फोरम में शिकायत दर्ज करते हुए 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी.

अनूप मेनन ने क्या कहा?

लाइवलॉ की एक रिपार्ट में कहा गया है कि फोरम के सामने अपने जवाब में अनूप मेनन ने माना कि उन्होंने कभी भी इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं किया है. वो केवल अपनी माता द्रवारा तैयार किया गया हेयर ऑयल ही इस्तेमाल करते हैं. मेनन ने कहा, ‘मैंने कभी भी इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं किया है. मैं अपनी माता द्रवारा तैयार किए गए हेयर ऑयल का ही इस्तेमाल करता हूं’. उन्होंने बताया कि विज्ञापन में क्या बोला जा रहा है, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है, क्योंकि यह मैन्युफैक्चरर की ‘स्टोरी’ थी. उन्हें लगा कि यह प्रोडक्ट हेयर ग्रोथ नहीं बल्कि हेयर केयर के लिए है.

फोरम ने क्या कहा?

फोरम ने अपने आदेश में कहा कि इससे स्पष्ट होता कि एंबेस्डर ने इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं किया है. साथ ही, इस विज्ञापन में किए गए वादे और प्रोडक्ट के इस्तेमाल करने पर रिजल्ट में अंतर है. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रोडक्ट के साथ दिए गए पर्ची में चेतावनी को इस प्रकार प्रिंट किया गया है कि उसे आराम से नहीं पढ़ा जा सकता है. कोर्ट ने कहा, ‘इस शिकायत में आयुर्वेदिक दवाओं के प्रभावशीलता पर सवाल नहीं उठाया गया है. लेकिन असली सवाल यह है कि प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बाद विज्ञापन में किए गए दावे जैसे रिजल्ट मिला की नहीं

Advertisement