अंतरराष्ट्रीय उड़ान को छोड़ खुलेगा पूरा देश, सिनेमा हॉल और स्विमिंग पूल के लिए केंद्र ने जारी की गाइडलाइन

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और कंटेनमेंट जोन को छोड़कर पूरे देश में सारी गतिविधियां अगले पंद्रह दिनों में खुल जाएगी। 15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल, व्यापार मेला, स्वीमिंग पूल और इंटरटेनमेंट पार्क को भी कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति होगी। कोरोना के कारण बंद गतिविधियों को खोलने के लिए जारी गाइडलाइन्स में गृहमंत्रालय ने इस बार स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों को भी खोलने की अनुमति दे दी है, लेकिन इस पर फैसला राज्यों पर छोड़ दिया गया है।

50 फीसद सीट का ही उपयोग कर सकेंगे सिनेमा हॉल

15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल खोलने की इजाजत देते हुए गृहमंत्रालय ने साफ कर दिया है कि दर्शकों के लिए 50 फीसद सीट का ही उपयोग कर सकेंगे। सूचना व प्रसारण मंत्रालय इसके लिए अलग से एसओपी जारी करेगा। इसी तरह व्यापार मेलों की भी 15 अक्टूबर से ही अनुमति होगी, लेकिन इसमें आम लोगों के आने पर मनाही होगी। स्वीमिंग पूल को खिलाडि़यों के लिए पहले ही खोल दिया गया था, अब उसमें आम लोगों के लिए भी इजाजत होगी। युवा और खेल कार्यक्रम मंत्रालय इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेसिंग (एसओपी) जारी करेगा। वहीं इंटरटेनमेंट पार्क के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को एसओपी जारी करने को कहा गया है।

स्कूल, कालेज, कोचिंग संस्थान खोलने की इजाजत, पर फैसला राज्यों पर छोड़ा

मार्च से ही बंद स्कूलों, कालेजों और कोचिंग संस्थान तो खुलेंगे, लेकिन बंद के दौरान चल रही ऑनलाइन पढ़ाई को बंद नहीं किया जाएगा। छात्रों को स्कूल जाने या ऑनलाइन क्लास में भाग लेने की छूट होगी और स्कूल की ओर से कोई दवाब नहीं बनाया जाएगा। स्कूल जाने वाले छात्रों के अभिभावक की लिखित सहमति के प्रावधान को बरकरार रखा गया है।

हर राज्य अपना-अपना एसओपी बनाएंगे

इसके पहले 21 सितंबर से नौवीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल जाने की अनुमति इन्हीं शर्तों के साथ दी गई थी। स्कूलों के लिए हर राज्य अपना-अपना एसओपी बनाएंगे और अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। इसी तरह शिक्षा मंत्रालय का उच्च शिक्षा विभाग गृहमंत्रालय के साथ मिलकर कॉलेज व अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के आने के लिए समय सारणी और एसओपी जारी करेगा। लेकिन शोध या अनुसंधान से जुड़े उच्च शिक्षा संस्थाओं को 15 अक्टूबर से खोलने की अनुमति मिल गई है।

सार्वजनिक समारोहों में 100 की जगह अब 200 लोग ले सकेंगे भाग

सामाजिक, धार्मिक, मनोरंजन, राजनीतिक, सांस्कृतिक व अन्य समारोहों के लिए पहले से और ज्यादा ढील दे दी गई है। पिछले महीने ऐसे समारोहों में 100 लोगों की इजाजत दी गई थी। लेकिन अब इसकी संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। शर्त सिर्फ इतनी है कि यदि बंद जगह पर समारोह हो रहा है वहां कुल कैपेसिटी के 50 फीसद ही लोग भाग ले सकेंगे। राज्य सरकारों को इसके लिए एसओपी बनाने को कहा गया है।

पिछली बार की तरह इस बार भी गृहमंत्रालय ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकारें अपनी ओर से कंटनेमेंट जोन के बार कोई लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगी और राज्य के भीतर या दो राज्यों के बीच सामान और लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इसी तरह 65 साल से अधिक और 10 साल के कम उम्र के व्यक्ति को घर पर रहने की सलाह बरकरार रखी गई है।

बुधवार को अनलॉक 4 की सीमा समाप्त हो रही है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही थी कि गृह मंत्रालय की ओर से अनलॉक 5 की गाइडलाइन का ऐलान करेगा। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 24 मार्च से शुरू हुआ देशव्यापी लॉकडाउन चरणों में लागू होने के बाद जुलाई महीने से चरण दर चरण हटने लगा है।

महाराष्ट्र में 31 अक्टूबर तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। महाराष्ट्र में होटल, फूड कोर्ट, रेस्ट्रॉन्ट-बार आदि को 50 फीसदी क्षमता के साथ चलाने की अनुमति होगी। इसके लिए 5 अक्टूबर से खोलने की इजाजत होगी।

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने दुर्गा पूजा के लिए पंडाल लगाने की इजाजत पहले ही दे दी है। हालांकि, ममता सरकार ने पंडालों को चारों तरफ से खुला रखने, श्रद्धालुओं, आयोजकों समेत अन्य लोगों को मास्क लगाने और पंडाल में जगह-जगह पर सेनिटाइजर रखने जैसी शर्तें भी लगाई हैं। सबसे कड़ी शर्त है कि किसी पंडाल में एक वक्त में 100 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं।

तमिलनाडु सरकार ने कुछ रियायतों के साथ 31 अक्टूबर तक लॉकडाउन बढ़ाने का एलान किया है। सरकार ने एक अक्टूबर से 10वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को शिक्षकों से संपर्क करने के लिए स्कूल जाने की पहले दी गई अनुमति पर भी रोक लगा दी है। अभिभावकों के विरोध के बाद सरकार ने यह फैसला किया है। जिलाधिकारियों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में पाबंदियां लागू रहेंगी। शिक्षण संस्थान, सिनेमा हाल और संग्रहालय बंद रहेंगे।

आंध्र प्रदेश में दो नवबंर से खुलेंगे स्कूल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि प्रदेश में दो नवंबर से स्कूल खुल सकते हैं। जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पांच अक्टूबर से ही स्कूल खोलना चाहते थे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए दो नवंबर से स्कूल खोलने का फैसला किया गया है।

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