करनाल से ननकाना साहिब के लिए श्रधालुओं का जत्था रवाना

करनाल से सैंकड़ों श्रध्दालु आज करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से गुरु नानक देव जी के जीवन के अंतिम 18 वर्षों के स्थान गुरुद्वारा करतारपुर साहेब के दर्शनो के लिए रवाना हुए। गुरु नानक सद्भावना यात्रा के तहत करतारपुर साहेब जाने वाले श्रद्धालुओं को बाबा सुखा सिंह डेरा कार सेवा व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य जथेदार भूपिन्दर सिंह असंध ने डेरा कार सेवा से रवाना किया।  भूपिन्दर सिंह असंध ने कहा कि करनाल की धरती से यह एक बड़ा प्रयास है जिसमें 550 साला प्रकाश पर्व के संदर्भ में कई देशों तक गुरु जी का संदेश पहुँचाया गया।

इससे पूर्व सभी यात्री गुरु नानक देव जी के करनाल आगमन के ऐतहासिक स्थान गुरुद्वारा मंजी साहेब में नतमस्तक हुए जहां मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जोगा सिंह ने गुरु चरणों में यात्रा की सफलता की कामना की। गुरु नानक देव जी के 550वे प्रकाश पर्व को समर्पित गुरु नानक सद्भावना यात्रा के संयोजक प्रीतपाल सिंह पन्नु ने बताया कि निफ़ा द्वारा 21 जुलाई 2019 को करनाल से गुरु नानक देव जी के चार उदासियों के मार्ग पर यात्रा शुरू की गई थी

जिसमें सामाजिक संस्था नैशनल इंटेग्रेटेड फ़ोरम आफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्टस व शिरोमणि गतका फ़ेडरेशन आफ इंडिया के सदस्य पाकिस्तान, भारत, नेपाल, बांग्लादेश व श्रीलंका में गुरु नानक देव जी से सम्बंधित स्थानो पर गए थे ओर पूरे मार्ग में पेड़ लगाकर व हर पेड़ को गुरु जी के जनम स्थान ननकाना साहेब की पावन मिट्टी व जल से सींच कर पर्यावरण संरक्षण के लिए गुरु जी के संदेश को पूरे देश व दुनिया में पहुँचाने का काम किया।

उस यात्रा के दौरान गुरु जी की चरण छोह प्राप्त सभी स्थानो से पावन जल व मिट्टी एकत्रित की थी।  करनाल से आज रवाना हुई यात्रा कल पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहेब जाएगी जहाँ सरहद के उस पार एक पौधा गुरु नानक देव जी के 550वे प्रकाश पर्व को समर्पित वगुरु जी के प्रेम व भाईचारे के संदेश के रूप में लगाया जाएगा व इस पौधे को इन सभी स्थानो की जल व मिट्टी से सींचा जाएगा। इसी प्रकार एक एक पौधा सरहद के इस पार डेरा बाबा नानक व सुल्तानपुर लोधी में भी लगाया जाएगा।

शिरोमणि गतका फ़ेडरेशन आफ इंडिया के प्रधान गुरतेज सिंह खालसा ने बताया की करनाल से सभी धर्मों के क़रीब 250 लोग यात्रा में शामिल हुए हैं जबकि पंजाब से क़रीब 70 साथी रास्ते से यात्रा का हिस्सा बनेंगे। आज का ठहराव डेरा बाबा नानक में होगा व कल सभी साथी नए कॉरिडोर से होकर करतारपुर साहेब जाएँगे।  पाँच फ़रवरी का रात्रि विश्राम दरबार साहेब अमृतसर में होगा जहां से 6 फ़रवरी को सुल्तानपुर लोधी होते हुए यात्रा वापिस करनाल पहुँचेगी।

यात्रा में निफ़ा संयोजक एडवोकेट नरेश बराना, महासचिव प्रवेश गाबा, सीनियर वाइस चेयरमैन परमिंदर पाल सिंह, सह सचिव जसविंदर सिंह बेदी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राजीव मल्होत्रा, NBAGR के पूर्व निदेशक डॉक्टर आर्जव शर्मा, पार्षद विजय सिंगला, गतका फ़ेडरेशन के पदाधिकारी गुरप्रीत सिंह खालसा, निफ़ा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र नरवाल, ज़िला प्रधान रणजीत सिंह बिलोंना, वाज़िद, तहसीन सहित पुरुष व महिला श्रद्धालु शामिल हैं।

सद्भावना यात्रा में कड़वाहट घोल गया एक निर्णय। करनाल से जुलाई में शुरू हुई गुरुनानक सद्भावना यात्रा में सभी धर्मों के लोग शामिल रहे ओर पूरी श्रद्धा से गुरु नानक देव जी से सम्बंधित स्थानो के दर्शन किए।  लेकिन जब करतारपुर साहेब की बारी आयी तो यात्रा के दो मुस्लिम साथियों को पर्मिशन नहीं मिली जिस को लेकर जहां वाज़िद व तहसीन नाम के दोनो युवा मायूस नज़र आए वहीं यात्रा के बाक़ी साथियों को यह नागवार गुज़रा।

निफ़ा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने कहा की वे वापिस आकर इस मुद्दे को उच्च सतर पर उठाएँगे। उन्होंने बताया कि करतारपुर जाने के लिए भारत सरकार की होम मिनिस्ट्री की साइट पर ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन होता है, जिसके बाद पुलिस जाँच होती है। इसके बाद होम मिनिस्ट्री अपनी लिस्ट पाकिस्तान को भेजती है जहां से फ़ाइनल अप्रूवल के बाद यात्रा से चार दिन पहले पर्मिशन जिसे ईटीए कहा जाता है मिलने के बाद ही इच्छुक व्यक्ति करतारपुर साहेब जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वे वापिस आने के बाद पता करेंगे की वाज़िद व तहसीन की पर्मिशन किस कारण से रद्द की गई है क्योंकि उनकी जानकारी के अनुसार दोनो के ख़िलाफ़ कोई पुलिस केस या कोर्ट केस नहीं है ओर दोनो लम्बे समय से समाज सेवा व सांस्कृतिक गतिविधियों में लगे हुए हैं।  पन्नु ने कहा कि अगर पाकिस्तान के मुसलमान जो गुरु नानक देव जी को नानक पीर मानते हैं ओर जिन्होंने करतारपुर साहेब में गुरु नानक देव जी की मज़ार भी बनायी हुई है, करतारपुर साहेब जा सकते हैं तो गुरु जी के प्रति श्रद्धा रखने वाले भारतीय मुस्लिम को भी इस स्थान पर अकीदत पेश करने की आज्ञा होनी चाहिए।

सारी उम्र सभी धर्मों को एक ही जाति व एक ईश्वर की संतान बताने वाले गुरु नानक के स्थान पर जाने के लिए धर्म के आधार पर किसी की परमिशन रद्द होना ग़लत है व भारत ओर पाकिस्तान की सरकार को इसे ठीक करना चाहिए।  फ़िलहाल दोनो साथी यात्रा में साथ हैं ओर बाक़ी सभी स्थानो पर वो जाएँगे, केवल करतारपुर साहेब नहीं जा पाएँगे।

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