नगर निगम द्वारा कुत्तों की नसबंदी के लिए बनाए गए अस्थाई नसबंदी केन्द्र, क्या कुत्तों से काटे जाने की घटना होंगी?

नगर निगम की ओर से कुत्तों की नसबंदी के लिए रावंर रोड पर बनाए गए अस्थाई नसबंदी केन्द्र में सुचारू रूप से हो रहा कार्य, संयुक्त निगमायुक्त गगनदीप सिंह ने केन्द्र का दौरा कर नसबंदी के कार्य को तेज करने के दिए संकेत। 

करनाल 2 दिसम्बर,     गली-मोहल्लो में कुत्तों से व्यक्तियों को काटे जाने की घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम द्वारा अक्तूबर माह में शुरू किया गया नसबंदी के कार्य में अब ओर तेजी आएगी। बुधवार को निगमायुक्त विक्रम के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह, पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. रूपेन्द्र तथा एसएसआई सुरेन्द्र चोपड़ा ने रांवर रोड स्थित कुत्तों की नसबंदी स्थल का दौरा किया और अब तक किए गए कार्य का रिकॉर्ड चैक किया।

450 कुत्तों की की जा चुकी नसबंदी- दौरे के बाद निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह ने बताया कि अक्तूबर मध्य से शुरू किए गए इस कार्य में अब तक 450 कुत्तों की नसबंदी का कार्य सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जिन गली-मोहल्लों से कुत्तों को टीम पकड़कर लाती है, नसबंदी के बाद उसे वहीं छोड़ दिया जाता है। अब इस काम को बढ़ाया जाएगा, रोजाना कम से कम 20 कुत्तों की नसबंदी अवश्य की जाएगी, ताकि शहर के सभी कुत्तों की नसबंदी करवाई जा सके।

निरीक्षण की जानकारी देते संयुक्त निगमायुक्त ने बताया कि नसबंदी सेंटर में जितने कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, उसके लिए एक रजिस्टर रखा गया है, जिसका रिकॉर्ड चैक किया गया। बातचीत के दौरान इस काम को करने वाले टीम से उनकी दिक्कतें भी पूछी गई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग गली-मोहल्लो में भोंकने वाले कुत्तों को अपना कहकर उसे उठाने के लिए मना कर देते हैं, जो कि गलत है। लोगों के इस तरह मना करने से इस काम को शत प्रतिशत रूप से सफल नहीं बनाया जा सकेगा। अगर सभी कुत्तो की नसबंदी सफल होगी, तो भविष्य में इनके आतंक से बचा जा सकेगा।

मौके पर मौजूद नसबंदी केन्द्र के मैनेजर कंवरजीत सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम को देखते जिस शैल्टर के नीचे कुत्तो को रखा जा रहा है, उसमें रूम हीटर रखे जाएंगे, ताकि तापमान ठीक बना रहे। कुत्तों की खुराक और नसबंदी का कार्य पहले की तरह बद्दस्तूर चल रहा है।

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