तकनीखी खामी से मेट्रो ट्रेनों की रफ्तार पर नहीं लगेगा ब्रेक, DMRC करने जा रहा है ये बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। Delhi Metro Service News:  दिल्ली मेट्रो रेल निगम (Delhi Metro Rail Corporation) की ट्रेनों अब ब्रेकडाइउन जैसी तकनीकी खामियों को दूर करने के साथ मेट्रो के सिग्नलिंग सिस्टम को दुरुस्त रखने की भी कवायद पर तेजी से काम हो रहा है। मेट्रो ट्रेनों के संचालन के दौरान सिग्नल सिस्टम ठीक तरह से काम कर या नहीं अथवा सिग्नल में आई खराबी को कैसे जल्द ठीक किया जाए? इस पर DMRC का मंथन जारी है।

इस समस्या पर काबू पाने के लिए DMRC ने सेंसर बेस्ड रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम को लगाएगा। इस पर तेजी से काम चल रहा है। इसी सबसे सबसे बड़ी विशेषता यही होगी कि कंट्रोल रूम से ही मेट्रो लाइनों पर लगे सभी सिग्नल्स की निगरानी की जा सकेगी। इसी के साथ कंट्रोल रूम से ही यह भी पता किया जा सकेगा कि मेट्रो के किस रूट पर और किस जगह पर सिग्नल में तकनीकी खामी आई है।

सबसे पहले मजेंटा लाइन पर लगेगा सिस्टम

दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों की मानें तो सेंटर बेस्ड रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने के लिए DMRC ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एक अनुमान के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर कुल डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस दौरान इस पूरे प्रोजेक्ट में तकरीबन साल भर का समय लगेगा। माना जा रहा है कि अगले साल के अंत में यह सिस्टम काम करना प्रारंभ कर देगा।  यह भी  जानकारी मिल रही है कि रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टमसबसे पहले जनकपुरी वेस्ट से बॉटनिकल गार्डन के बीच बनी मेट्रो की मजेंटा लाइन पर लगाया जाएगा।

24 घंटे होगी मॉनिटरिंग

मेट्रो अधिकारियों की मानें तो रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे ही चौबीसों घंटे सिग्नलों की निगरानी की जा सकेगी। खासकर प्वाइंट मशीन और सिग्नल पैनल आदि के इलेक्ट्रिकल पैरामीटर्स को एक निश्चित जगह से भी चेक किया जा सकेगा। और संभव हुआ तो ठीक भी किया जा सकेगा या फिर इसकी सूचना तत्काल नजदीकी तकनीकी टीम को दी जा सकेगी। इस दौरान ड्यूटी स्टाफ या इंचार्ज को अलर्ट मैसेज भेजकर मेंटिनेंस के लिए मौके पर भेजा भी जा सकेगा।

आखिर क्यों पड़ी जरूरत

पिछले कुछ सालों के दौरान दिल्ली मेट्रो रेल निगम द्वारा संचालित ट्रेनों में तकनीकी खामियों में तेजी आई है। एक बार तो कई घंटे तक दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन ठप रही। साल 2019 में तो  सबसे ज्यादा बार मेट्रो ट्रेनों में तकनीकी खामियों की बात सामने आई। यह खामी पीक ऑवर के दौरान आई। वहीं, अब डीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो संचालन के लिए सिग्नलिंग सिस्टम में कई प्रकार के उपकरण लगाए जाते हैं। मेट्रो के चलने के दौरान कई बार सिग्नल फेल हो जाते हैं। जाहिर है इसका प्रभाव मेट्रो संचालन पर पड़ता है। मेट्रो की हमेशा मंशा रही है कि वह बेहतरीन सेवाएं अपने यात्रियों को दें।

रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम की खूबी

  • रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम ऑनलाइन काम करेगा।
  • संभावित खराबी को भी कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे ठीक किया जा सकेगा।
  • रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम के तहबत सिग्नल सिस्टम के आउटडोर उपकरणों में सेंसर लगाए जाएंगे।
  • फिर ऑप्टिकल फाइबर के जरिए रियल टाइम और ज्यादा एक्यूरेट डेटा मुहैया कराएंगे।
  • यह सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से डेटा को रिकॉर्ड करके कंट्रोल रूम को भेजता रहेगा।
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