‘स्टैच्यू’ के खेल ने बचाई बच्चों की जान, मां के कत्ल में! जानिए कैसे

आगरा। ताजनगरी आगरा के पॉश इलाके में कल शाम एक महिला डॉक्‍टर की चाकुओं से गोदकर हत्‍या कर दी गई। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घरवालों ने डिश ठीक करने आए केबल ऑपरेटर पर हत्‍या का आरोप लगाया है।  पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। एडीजी से लेकर तमाम थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया है। वहीं हत्यारे ने बच्चों को भी नहीं बक्शा। हालांकि डॉक्टर की बेटी ने सूझबूझ से काम लिया और अपने साथ ही बच्चे के जान बचा ली। उसने भाई को स्चैच्यू बोला। दोनों ने बेहोशी का ड्रामा किया। शुभम को लगा वे मर गए और वह चला गया।

जानकारी के मुताबिक, कमला नगर इलाके में प्‍लास्टिक सर्जन डॉ अजय सिंघल अपनी डेंटिस्‍ट पत्‍नी डॉ निशा (38) और दो बच्‍चों  बेटी अनिशा (8) और बेटा अदवय (4)  के  साथ रहते थे। परिजनों ने बताया कि शाम को टीवी के केबल में दिक्‍कत आने पर ऑपरेटर शुभम को बुलाया गया। शुभम घर आया और उसने बच्चों को कमरे में रहने को कहा। इसी बीच जब मां निशा की चीख सुनाई देने पर बच्चे बाहर आए तो शुभम ने उन्‍हें चाकू दिखाकर डराने का प्रयास किया। पुलिस को सीससीटीवी फुटेज में शुभम घर में आते-जाते दिखा है।


डॉक्टर निशा की बेटी अनिशा और बेटा अदवय इस घटना के चश्मदीद गवाह है। अनिशा ने बताया कि घर में केबल नहीं चल रहा था। मां ने शुभम को बुलाया था। शुभम घर आया था, तब दोनों बच्चे घर के एक कमरे में थे। मां की आवाज सुनकर दोनों बाहर निकले तो देखा कि शुभम उनकी मां पर चाकू से वार कर रहा है। दोनों घबरा गए। शुभम दोनों की तरफ लपका। उसने अदवय के गले पर चाकू रखा तो एनि ने उसे स्टैच्यू बोल दिया। अदवय जमीन पर ऐसे ही लेट गया। शुभम को लगा कि वह मर गया। उसके बाद वह एनि की तरफ लपका। उस पर भी चाकू से वार किया तो उसने भी बेहोशी का ड्रामा किया।

शुभम ने सोचा कि दोनों बच्चे मर गए हैं। वह उन्हें वहां ऐसे ही छोड़कर चला गया। दोनों बच्चे शुभम के जाते ही दौड़कर कमरे के बाथरूम में जाकर छिप गए। जब दोनों के पापा घर आए तो आवाज सुनकर बच्चे चिल्लाए और पापा के आने पर बाहर निकले।

पुलिस ने आरोपी शुभम को शनिवार एक मुठभेड़ में पकड़ लिया। आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  उसके पास से कैश और जेवरात बरामद हुए हैं। पुलिस इस मामले में किसी तरह के लव अफेयर से इनकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि कर्ज की रकम अदा करने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पर लॉकडाउन में कर्ज हो गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने सीसीटीवी की डीवीआर तोड़ने का प्रयास किया था। लूट को अंजाम देने के बाद एक व्यक्ति को उसने 24 हजार रुपये देकर कर्ज चुकाया था। बाकी गहनों को ठिकाने लगाने के लिए वह कोशिश कर रहा था।

आईजी ए सतीश गणेश के अनुसार सीसीटीवी से आरोपी की बाइक का नंबर पता चला था। उस नंबर की गाड़ी ढूंढने का प्रयास किया जा रहा था। एत्माउद्दौला के कालिंदी विहार 80 फुटा रोड पर पुलिस को आरोपी जाता दिखा। रोकने पर उसने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। मौके पर जेवरात भरा झोला बरामद हुआ है। फरेंसिक टीम इसकी जांच कर रही है।

इधर पूछताछ में बच्चों ने घटना की आंखोंदेखी बयां की तो पुलिसवालों ने बच्चों की सूझबूझ की जमकर तारीफ की। सूत्रों की मानें तो महिला डॉक्टर ने कुछ दिन पूर्व आरोपी शुभम की आर्थिक मदद कर उसके निवास ट्रांस यमुना क्षेत्र में मोबाइल की दुकान खुलवाई थी।

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