नाबालिग से रेप के मामले में स्टेट्स जानने पहुंचे डीएनटी चेयरमैन डीएसपी से उलझे, जानिए पूरा मामला

हांसी- अनुसूचित जाति की नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में भी आरोपितों को पुलिस महीनों तक गिरफ्तार ना करे तो पुलिस की कार्यप्रणाली का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. हांसी की एक कॉलोनी में अनुसूचित जाति की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म  के मामले में डीएसपी से स्टेट्स रिपोर्ट जानने पहुंचे डीएनटी चेयरमैन डॉ बलवान सिंह से ही उलझ गए. आरोप है कि स्वजनों के साथ भी डीएसपी और उनके स्टाफ ने बदसलूकी की, जिसके बाद स्वजन भड़क गए और पुलिस के खिलाफ रेस्ट हाऊस में आक्रोश व्यक्त किया.

बता दें कि हांसी की एक कॉलोनी में बीते अगस्त महीने में एक किशोरी के साथ सामुहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था. मात्र 14 वर्षीय किशोरी के साथ कुछ एक नाबालिग और अन्य मिलकर कई महीनों से दुष्कर्म कर रहे थे. अगस्त महीने में किशोरी के गर्भवती होने पर परिजनों को मामले का पता चला. जिसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की. इस पर पुलिस ने पोक्सो और अन्य आठ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर रही है.

इसी मामले में डीएनटी बोर्ड के चेयरमैन डॉ बलवान सिंह मंगलवार को मामले में जांच अधिकारी डीएसपी धर्मवीर के कार्यालय में स्वजनों के साथ स्टेट्स जानने और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग लेकर मिलने गए थे. डॉ बलवान सिंह का आरोप है कि जांच का स्टेट्स पूछते ही डीएसपी भड़क गए और गलत भाषा का इस्तेमाल करने लगे. डीएसपी ने अपने स्टाफ के सदस्यों को हमें दफ्तर से बाहर निकालने के लिए बोला. वहीं इस मामले में जब डीएसपी धर्मबीर सिंह से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने कुछ बोलने से मना कर दिया.

महिला आयोग तक पहुंचा मामला, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

आरोप है कि 14 वर्ष की किशोरी के साथ नाबालिग युवक ही नहीं उसके रिश्तेदारों ने भी दुष्कर्म किया. किशोरी ने बयान में करीब 5 आरोपितों के नाम भी बताए थे, लेकिन स्वजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपितों को बचाने में लगी हुई है. आरोपितों की शिकायत पर पीड़ित किशोरी के परिवार को बेवजह परेशान करने का भी आरोप डॉ. बलवान सिंह ने लगाया. यह मामला राज्य महिला आयोग के समक्ष भी पहुंच चुका है.

स्टेट्स जानना मेरा अधिकारी

डीएनटी विकास बोर्ड के चेयरमैन डॉ बलवान सिंह ने बताया की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने का गंभीर मामला है. जब पूरे देश में दुष्कर्म के मामलों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है तो हांसी पुलिस क्यों नहीं कर रही. जांच अधिकारी से स्टेट्स रिपोर्ट जानने के मेरा अधिकार है क्योंकि पीड़िता घुमंतू जनजाति से संबंध रखती है. डीएसपी की कार्यप्रणाली पूरे मामले में सवालों के घेरे में है और इस मामले में आला अधिकारियों को भी शिकायत की जाएगी.

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